सिमडेगा में जरूरतमंद और कमजोर वर्गों तक विधिक सहायता योजनाओं का लाभ पहुंचने की स्थिति जानने के लिए जमीनी सर्वे पर जोर दिया गया है। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के डिप्टी सेक्रेटरी अभिषेक कुमार और अंडर सेक्रेटरी दीपक कुमार साहू ने बुधवार को जिले का दौरा कर विधिक सेवा व्यवस्था से जुड़े लोगों के साथ समीक्षा की।
व्यवहार न्यायालय के सभागार में आयोजित कार्यशाला में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम से जुड़े सदस्यों, पैनल अधिवक्ताओं और पारा लीगल वॉलेंटियर्स ने भाग लिया। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि कानूनी सहायता का उद्देश्य केवल न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग देना नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति की आवश्यकता के अनुरूप बेहतर सेवा उपलब्ध कराना भी है।
कार्यशाला में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से चल रही योजनाओं की चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, यह जानने के लिए धरातल पर सर्वे जरूरी है। क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने पर भी जोर दिया गया।
पारा लीगल वॉलेंटियर्स से उनके काम के दौरान आने वाली समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी लेने की बात कही गई। अधिकारियों के अनुसार, पीएलवी विधिक सेवा व्यवस्था की अहम कड़ी हैं क्योंकि उनका समाज के लोगों से सीधा संपर्क रहता है। उन्हें जरूरतमंदों तक योजनाओं और कानूनी सहायता की जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी गंभीरता से निभाने को कहा गया।
दौरे के दौरान दोनों अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों से मुलाकात कर सहायता की स्थिति जानी। उन्होंने लीगल एड क्लिनिक अरानी का औचक निरीक्षण भी किया। कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन रमेश कुमार श्रीवास्तव, प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम, बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामप्रीत प्रसाद और असिस्टेंट एलएडीसीएस सुकोमल सहित अधिवक्ता, पीएलवी तथा अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।