विशाखापत्तनम के सीआईआई समिट में निवेश की संभावनाएं पेश करेगा झारखंड

झारखंड सरकार का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 12 और 13 नवंबर को विशाखापत्तनम में होने वाले सीआईआई पार्टनरशिप समिट में राज्य की निवेश क्षमता और औद्योगिक पहलों को प्रस्तुत करेगा।

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रांची से झारखंड सरकार का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 12 और 13 नवंबर को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित भारतीय उद्योग परिसंघ के पार्टनरशिप समिट में भाग लेगा। इस भागीदारी का प्रमुख उद्देश्य झारखंड को देश-विदेश के निवेशकों के सामने एक महत्वपूर्ण निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना और दूसरे राज्यों के साथ औद्योगिक तथा आर्थिक सहयोग की संभावनाएं तलाशना है।

सीआईआई पार्टनरशिप समिट के 31वें संस्करण में जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों की इकाइयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए उद्योग निदेशालय ने एक इवेंट पार्टनर चुनने की प्रक्रिया शुरू करते हुए निविदा जारी की है।

समिट का विषय व्यापार, प्रौद्योगिकी, विश्वास और वैचारिक नेतृत्व के संदर्भ में बदलती विश्व व्यवस्था पर केंद्रित होगा। आयोजन में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं और कारोबारी जगत के प्रमुख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे मंच पर राज्य सरकार झारखंड के औद्योगिक परिवेश और उपलब्ध संभावनाओं का परिचय देगी।

समिट के दौरान राज्य की निवेश क्षमता, औद्योगिक इकोसिस्टम, नीतिगत सुधारों और निवेशकों की सुविधा के लिए की गई पहलों को प्रदर्शित करने की योजना है। इसके साथ ही कारोबारियों के बीच और कारोबारियों तथा सरकार के बीच बैठकें आयोजित होंगी। इन बैठकों में संभावित निवेश और सहयोग के क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी।

झारखंड का प्रतिनिधिमंडल अन्य राज्यों के साथ साझेदारी के अवसर भी तलाशेगा। बहुराष्ट्रीय कंपनियों और कारोबारी नेतृत्व के साथ संवाद में निवेश एवं नवाचार से जुड़े सहयोग के नए रास्तों पर जोर रहेगा। सरकार की तैयारी राज्य की आर्थिक क्षमताओं और औद्योगिक संभावनाओं को व्यापक मंच तक पहुंचाने की है।

औद्योगिक पक्ष के अलावा समिट में झारखंड की सांस्कृतिक विविधता, विरासत और आदिवासी संस्कृति को भी सामने रखा जाएगा। इसके माध्यम से राज्य की पहचान और ब्रांड मूल्य को मजबूत करने का प्रयास होगा। दो दिवसीय आयोजन में निवेशक सुविधा उपायों के साथ झारखंड की सांस्कृतिक विशेषताओं को एक संयुक्त प्रस्तुति के रूप में रखने की तैयारी की जा रही है।