रांची के ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस में रविवार को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में झारखंड के पर्यटन क्षेत्र में योगदान देने वाले पर्यटक मित्रों, होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों तथा अन्य सहयोगियों को सम्मानित किया गया। समारोह की शुरुआत दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
कार्यक्रम में पर्यटन, कला-संस्कृति एवं खेलकूद विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने पर्यटन स्थलों पर पर्यटक मित्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पर्यटक मित्र आगंतुकों को स्थानीय जानकारी देने के साथ सहायता और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराते हैं। इससे पर्यटन स्थल पर पहुंचने वाले लोगों को बेहतर अनुभव मिल सकता है।
समारोह में होटल और आतिथ्य क्षेत्र की भागीदारी पर भी चर्चा हुई। विभागीय सचिव के अनुसार, इन क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधि पर्यटकों की सुविधा और उनके अनुभव को बेहतर बनाने में अहम योगदान देते हैं। पर्यटन से जुड़े दूसरे लोग और संस्थाएं भी राज्य के पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया तक पहुंचाने में भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान डिजिटल माध्यमों और रचनात्मक सामग्री के महत्व को भी रेखांकित किया गया। बताया गया कि इन माध्यमों के जरिए झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, अलग-अलग पर्यटन स्थलों और वहां उपलब्ध अनुभवों की जानकारी नए दर्शकों तक पहुंचाई जा रही है। समारोह में ऐसे प्रयासों से जुड़े सहयोगियों को भी सम्मान प्रदान किया गया।
पर्यटन निदेशक नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस का आयोजन झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को व्यापक पहचान दिलाने के प्रयासों को सामने लाता है। उन्होंने बताया कि विभाग स्थानीय समुदायों, पर्यटक मित्रों, होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र तथा अन्य भागीदारों के साथ मिलकर पर्यटकों का अनुभव बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
समारोह में यह संदेश भी दिया गया कि राज्य में पर्यटन को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ स्थानीय भागीदारी जरूरी है। पर्यटकों से सीधे जुड़ने वाले लोगों, होटल संचालकों और डिजिटल माध्यम से प्रचार करने वालों की साझा भूमिका पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में प्रबंध निदेशक प्रेम रंजन, पर्यटन विभाग के अन्य अधिकारी और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित थे।