देवघर में शरद पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उपलब्ध विवरण के अनुसार, मंदिर का पट बंद होने तक 60 हजार से अधिक लोगों ने जलार्पण और पूजा-अर्चना की। सुबह से शुरू हुआ श्रद्धालुओं का आगमन दिनभर जारी रहा।
उत्तरवाहिनी गंगाजल लेकर 105 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने वाले कांवरियों के जत्थे भी बाबाधाम पहुंचे। इनके अलावा निजी वाहनों और रेल मार्ग से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर आए। भीड़ बढ़ने के साथ सामान्य दर्शन की कतार मंदिर से आगे संस्कार भवन, सुविधा भवन और क्यू कॉम्प्लेक्स होते हुए मानसरोवर तट तक पहुंच गई।
शीघ्रदर्शनम के रास्ते पूजा करने वालों की कतार मंदिर प्रांगण के पश्चिमी द्वार तक लगी रही। श्रद्धालुओं को अपनी बारी आने और पूजा पूरी करने में करीब दो से ढाई घंटे का समय लगा। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने अलग-अलग स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया था।
जलार्पण के साथ मंदिर परिसर में कई पारंपरिक और मांगलिक अनुष्ठान भी संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने जनेऊ, मुंडन, गठबंधन और रुद्राभिषेक जैसे संस्कार कराए तथा सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर दुमका स्थित बासुकीनाथ धाम में भी विशेष पूजा हुई। दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायाधीश शैल जैन और पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश चंद्रशेखर झा ने बाबा फौजदारीनाथ का दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन कराया।
दोनों न्यायाधीशों ने पंचामृत स्नान, अभिषेक और आरती के बाद मंदिर परिसर में स्थित दस महाविद्याओं तथा माता पार्वती, मां काली, पीतांबरा भगवती और बगलामुखी मंदिर में भी पूजा की। इस दौरान मंदिर प्रभारी सह अंचल अधिकारी संजय प्रसाद, एसडीपीओ नवलकिशोर सिंह और इंस्पेक्टर दयानंद साह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।