शिक्षक नियुक्ति-2016 विवाद: सरकार और जेएसएससी की अपीलों पर 16 दिसंबर को सुनवाई

झारखंड हाईकोर्ट ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 से जुड़े मीना कुमारी मामले में सरकार और जेएसएससी की 100 से अधिक अपीलों की विस्तृत सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख तय की है।

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रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट का भवन

रांची में झारखंड हाईकोर्ट ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 से जुड़े मीना कुमारी मामले में राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की अपीलों पर सुनवाई की। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने प्रकरण की विस्तृत सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख निर्धारित की है।

सुनवाई के दौरान जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल और प्रिंस कुमार ने पक्ष रखा। प्रतिवादी मीना कुमारी की ओर से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता उपस्थित हुए। उपलब्ध विवरण के अनुसार, राज्य सरकार और आयोग ने इस विवाद में अलग-अलग 100 से अधिक अपील याचिकाएं दायर की हैं।

इन अपीलों के माध्यम से मीना कुमारी और अन्य अभ्यर्थियों से संबंधित मामलों में हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेशों को चुनौती दी गई है। खंडपीठ ने इससे पहले उस आदेश के अनुपालन को लेकर दाखिल अवमानना याचिका की सुनवाई पर रोक लगा दी थी। अब अपीलों पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया दिसंबर में बढ़ेगी।

एकल पीठ ने मीना कुमारी समेत 258 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति विवाद की जांच के लिए एक सदस्यीय तथ्य अन्वेषण आयोग गठित करने का निर्देश दिया था। शुरुआत में सेवानिवृत्त जस्टिस डॉ. एसएन पाठक को इसकी अध्यक्षता सौंपी गई, लेकिन उनकी असमर्थता के बाद सेवानिवृत्त जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को अध्यक्ष बनाया गया।

एकल पीठ के आदेश के मुताबिक आयोग की रिपोर्ट मंत्रिमंडल के समक्ष रखी जानी थी और राज्य सरकार को रिपोर्ट मिलने के अधिकतम छह सप्ताह के भीतर निर्णय लेना था। रिक्त 2,034 पदों पर नियुक्ति के लिए याचिकाकर्ताओं को आठ सप्ताह के अंदर जेएसएससी सचिव के समक्ष अभ्यावेदन देने की अनुमति भी दी गई थी।

आयोग को प्राप्त अभ्यावेदनों पर छह महीने के भीतर नियुक्ति संबंधी कार्रवाई पूरी करने का निर्देश था। उपलब्ध जानकारी में बताया गया है कि एक सदस्यीय तथ्य अन्वेषण आयोग सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख चुका है। फिलहाल सरकार और जेएसएससी की अपीलों पर हाईकोर्ट की विस्तृत सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।