रांची के कडरू स्थित एक्सट्रीम बार के डीजे संचालक संदीप प्रामाणिक की हत्या से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस के प्रारंभिक अनुसंधान की कमियों पर असंतोष जताया है। अदालत ने कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए रांची के पुलिस अधीक्षक को चार नवंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट में बुधवार को अभिषेक सिंह समेत दस दोषियों की अपील पर सुनवाई हुई। इन सभी ने रांची की अदालत से सुनाई गई सजा को चुनौती दी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह जानना चाहा कि मामले की शुरुआती जांच में सामने आई कमियों और अनुपलब्ध साक्ष्यों को लेकर पुलिस के स्तर पर क्या कदम उठाए गए हैं।
अदालत ने पुलिस अधीक्षक से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि अनुसंधान में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अब तक कोई विभागीय या प्रशासनिक कार्रवाई हुई है या नहीं। अब चार नवंबर को होने वाली पेशी में पुलिस की ओर से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट किए जाने की अपेक्षा है।
निचली अदालत ने मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह उर्फ विक्की सहित दस अभियुक्तों को गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया था। सभी को नौ-नौ वर्ष की सजा सुनाई गई थी। दोषियों ने इसी निर्णय के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की है, जिस पर वर्तमान सुनवाई चल रही है।
मामला 26 मई 2024 की देर रात का है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, पश्चिम बंगाल के रहने वाले संदीप प्रामाणिक की कडरू स्थित बार में गोली लगने से मौत हुई थी। घटना से पहले बार में कुछ युवकों और कर्मचारियों के बीच विवाद तथा मारपीट होने की बात सामने आई थी।
अभियोजन से जुड़े विवरण में आरोप लगाया गया था कि विवाद के बाद अभिषेक सिंह अपने साथियों के साथ दोबारा बार पहुंचा और संदीप को गोली मारी। हालांकि, मौजूदा कार्यवाही दोषियों की अपील तथा जांच में बताई गई कमियों पर केंद्रित है। हाईकोर्ट में अपील लंबित होने के कारण अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अदालत की आगे की सुनवाई पर निर्भर करेगा।