समग्र शिक्षा के 192 पदों की भर्ती के आठ विज्ञापन रद्द, नए सिरे से निकलेगी वैकेंसी

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने नियमों और परीक्षा अंकों से जुड़ी अस्पष्टताओं के कारण 2023 और 2024 में जारी आठ भर्ती विज्ञापन निरस्त कर दिए हैं।

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रांची स्थित झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद से संबंधित भर्ती प्रक्रिया की प्रतीकात्मक तस्वीर

रांची में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत राज्य और जिला स्तर के 192 पदों पर नियुक्ति के लिए जारी आठ विज्ञापनों को रद्द करने का निर्णय लिया है। इनमें छह विज्ञापन वर्ष 2023 और दो वर्ष 2024 में निकाले गए थे। अब इन पदों के लिए नए सिरे से विज्ञापन जारी करने की तैयारी है।

इन भर्तियों के लिए कुल 941 आवेदन मिले थे और परीक्षा भी आयोजित की जा चुकी थी, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। परिषद की ओर से आठों विज्ञापनों को निरस्त कर दोबारा प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य कार्यकारिणी समिति के समक्ष रखा गया था। समिति ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।

परिषद के प्रस्ताव के अनुसार, विज्ञापनों में लिखित और तकनीकी परीक्षा के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की संख्या तथा कुल पूर्णांक स्पष्ट नहीं किए गए थे। साक्षात्कार के लिए निर्धारित कुल अंकों का उल्लेख भी नहीं था। इन कमियों के कारण चयन प्रक्रिया में आगे वैधानिक विवाद पैदा होने की आशंका जताई गई।

अंकों के निर्धारण में भी अंतर सामने आया। जुलाई 2019 में राज्य कार्यकारिणी समिति ने 200 अंकों की परीक्षा को स्वीकृति दी थी, जबकि वर्ष 2023 में एक्सएलआरआई जमशेदपुर के साथ हुए समझौते में कुल 230 अंक निर्धारित कर दिए गए। बाद में अक्टूबर 2025 में समिति ने 230 अंकों पर सहमति प्रदान की थी।

कार्य अनुभव के वेटेज को लेकर भी विज्ञापन में पूरी स्पष्टता नहीं थी। विभिन्न शिक्षा अभियानों और महिला समाख्या के अंतर्गत कार्यरत कर्मियों को प्रत्येक वर्ष की सेवा पर एक अंक देने का प्रावधान था, लेकिन इसका उल्लेख विज्ञापन में नहीं किया गया। अन्य कर्मियों के वेटेज और अनुभव के अंक जोड़ने के चरण को भी स्पष्ट नहीं किया गया था।

भर्ती में राज्य कार्यक्रम प्रबंधक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, वित्त एवं लेखा से जुड़े पद, ईएमआईएस विशेषज्ञ, सहायक कंप्यूटर प्रोग्रामर, कार्यालय सहायक, लाइब्रेरियन, कार्यक्रम समन्वयक और जूनियर इंजीनियर समेत विभिन्न पद शामिल थे। प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सही और पारदर्शी बनाने के लिए प्रबंधन से जुड़े पदों की जिम्मेदारी एक्सएलआरआई तथा आईटी और कंप्यूटर से जुड़े पदों की जिम्मेदारी बीआईटी मेसरा को दी गई थी।