सरायकेला के काशी साहू कॉलेज में सोमवार को युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की ओर से आयोजित कार्यक्रम का दायरा परिसर से लेकर कॉलेज द्वारा गोद लिए गए ब्रह्माटांड़ गांव तक रहा। इसमें विद्यार्थियों के साथ स्थानीय ग्रामीण और स्कूली बच्चे भी शामिल हुए।
‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान’ के तहत हुए इस आयोजन में करीब 200 विद्यार्थियों ने भागीदारी की। कार्यक्रम में सरायकेला सिविल सर्जन कार्यालय के राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के सलाहकार अशोक यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। पिरामल फाउंडेशन के जिला कार्यक्रम प्रमुख हीरालाल विद्यार्थी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक तथा मानसिक दुष्प्रभावों की जानकारी साझा की गई। विद्यार्थियों और ग्रामीणों को अनुशासित व जिम्मेदार दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजन का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को नशे से बचने और अपनी ऊर्जा सकारात्मक गतिविधियों में लगाने का संदेश देना था।
जागरूकता को गतिविधियों से जोड़ने के लिए कॉलेज परिसर में रस्साकशी, म्यूजिकल चेयर और माइंड गेम जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने इन खेलों में भाग लिया और प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार भी दिए गए। खेलों के माध्यम से युवाओं के सामने खाली समय और ऊर्जा के सकारात्मक उपयोग का विकल्प रखा गया।
कॉलेज की गतिविधियों के बाद एनएसएस स्वयंसेवकों ने ब्रह्माटांड़ गांव में जागरूकता रैली निकाली। रैली में गांव के स्कूली बच्चों और अन्य लोगों ने भी भाग लिया। इसके जरिए ग्रामीणों तक नशीले पदार्थों के नुकसान की जानकारी पहुंचाई गई और उन्हें स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।