सरायकेला-खरसावां जिले में टेली-कंसल्टेशन सेवा में शून्य लॉगिन दर्ज कराने वाले चिकित्सकों के वेतन की निकासी पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों और सेवाओं की समीक्षा करते हुए यह कार्रवाई करने को कहा। धीमी प्रगति वाले चिकित्सकों को भी अपने काम में सुधार लाने का निर्देश मिला है।
बैठक में बायोमेट्रिक उपस्थिति की स्थिति भी देखी गई। उपायुक्त ने कहा कि बिना वैध कारण ड्यूटी से अनुपस्थित मिलने वाले चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन में नियमों के अनुसार कटौती की जाए। समीक्षा का उद्देश्य स्वास्थ्य केंद्रों की जवाबदेही बढ़ाने और उपलब्ध सेवाओं को नियमित बनाए रखना बताया गया।
जिले में बच्चों के नियमित टीकाकरण के साथ स्तनपान और पोषणयुक्त आहार से संबंधित गतिविधियों की भी समीक्षा हुई। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को क्षेत्र भ्रमण के दौरान लोगों को इन विषयों की जानकारी देने को कहा गया। स्वास्थ्य केंद्रों, ग्राम पंचायतों और अन्य उपलब्ध माध्यमों से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया है।
टीबी, मलेरिया, फाइलेरिया और अन्य प्रमुख बीमारियों की रोकथाम पर प्रशासन ने प्रभावित इलाकों के लिए विशेष जांच रणनीति अपनाने को कहा। जिन क्षेत्रों में इन बीमारियों के अधिक मरीज चिह्नित हो रहे हैं, वहां जांच अभियान चलाया जाएगा। पूरे गांव और टोले में परिवारों की जांच सुनिश्चित करने का निर्देश है, ताकि संभावित मरीजों की समय पर पहचान और उपचार हो सके।
स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं, जांच किट और दूसरी सामग्रियों के प्रबंधन पर भी निर्देश दिए गए। उपलब्ध स्टॉक का रजिस्टर से मिलान कर अभिलेख अद्यतन करने तथा सभी संबंधित केंद्रों को 15 दिनों के भीतर संयुक्त हस्ताक्षर वाला प्रमाण-पत्र जमा करने को कहा गया है। इस प्रक्रिया को प्रशासनिक पारदर्शिता और संसाधनों के सही लेखे-जोखे से जोड़ा गया है।
समीक्षा बैठक में सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पी.एम. बाडा, सभी एमओआईसी तथा डीपीएमयू और बीपीएमयू के प्रतिनिधियों समेत संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाने और क्षेत्र स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति पर निगरानी रखने को कहा गया।