सरायकेला जिला मुख्यालय स्थित चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए तथा मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राज बागची ने किया।
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग रखी।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राज बागची ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यह पार्टी की ओर से लगाया गया आरोप है और उपलब्ध विवरण में चुनाव आयोग या प्रशासन की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने बिहार और पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आने का दावा भी किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पात्र मतदाताओं का नाम सूची में बने रहना और पूरी प्रक्रिया का पारदर्शी होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है।
राज बागची ने कहा कि पार्टी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दे उठाती रहेगी। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर कार्यकर्ता जनहित के विषयों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई। आयोजन पूरी तरह राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन पर केंद्रित रहा, जिसमें मतदाता सूची पुनरीक्षण, आयोग की जवाबदेही और चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता प्रमुख मुद्दे रहे।