सरायकेला-राजनगर मुख्य सड़क की मरम्मत के मद्देनजर जिला प्रशासन ने मार्ग पर सभी प्रकार के भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही अगले आदेश तक प्रतिबंधित कर दी है। प्रशासन का यह निर्देश शनिवार से प्रभावी हो गया। इस दौरान आम यातायात को राहत देने और मरम्मत कार्य को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।
प्रशासनिक निर्देश के अनुसार, सरायकेला से राजनगर की ओर जाने वाले भारी वाहनों को अब बदले हुए रास्ते से चलना होगा। ऐसे वाहनों को सरायकेला से चाईबासा होते हुए राजनगर की ओर भेजा जाएगा। प्रतिबंध की अवधि तय नहीं की गई है और यह अगले आदेश तक लागू रहेगा।
सरायकेला-राजनगर सड़क कई स्थानों पर बड़े गड्ढों के कारण खराब हो चुकी है। मार्ग पर भारी वाहनों के फंसने और यातायात बाधित होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। सड़क की स्थिति के चलते दुर्घटनाओं की भी सूचना मिली है, जिससे इस मार्ग पर नियमित आवागमन करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ी हुई थी।
हाल में सारंगपोसी गांव के पास एक भारी वाहन गड्ढे में फंस गया था। इसके बाद करीब 72 घंटे तक मार्ग पर भीषण जाम की स्थिति बनी रही। इससे पहले भी फंसे वाहनों को स्थानीय पुलिस और क्रेन की सहायता से हटाकर यातायात बहाल करना पड़ा था।
सड़क की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने विरोध-प्रदर्शन किए थे। लगातार उठ रही मरम्मत की मांग के बीच जिला प्रशासन ने सड़क पर भारी वाहनों का प्रवेश रोकने और मरम्मत शुरू कराने का निर्णय लिया है।
नो-एंट्री लागू रहने तक भारी वाहन चालकों को चाईबासा वाले निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना होगा। प्रशासन के फैसले से सरायकेला-राजनगर सड़क पर भारी वाहनों का दबाव कम होगा, जबकि इसी अवधि में जर्जर हिस्सों की मरम्मत का काम शुरू किया जाना है।