सहायक आचार्य भर्ती विवाद में हाईकोर्ट ने 43 पद सुरक्षित रखने का दिया निर्देश

झारखंड हाईकोर्ट ने सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 से जुड़े मामले में 43 पद सुरक्षित रखने और जेएसएससी को अगली सुनवाई से पहले विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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झारखंड हाईकोर्ट में सहायक आचार्य भर्ती के 43 पदों से जुड़े मामले की सुनवाई

रांची में झारखंड हाईकोर्ट ने प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 से जुड़े विवाद में 43 पद सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह अंतरिम व्यवस्था उन अभ्यर्थियों के संभावित अधिकारों की रक्षा के लिए की है, जिन्होंने चयन प्रक्रिया को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को निर्धारित की गई है।

याचिका आदित्य कुमार और अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल की गई है। उनका दावा है कि संबंधित वर्ग-श्रेणियों में उनके प्राप्तांक अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों से अधिक हैं। इसके बावजूद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने नियुक्ति के लिए उनके नामों की अनुशंसा राज्य सरकार को नहीं भेजी।

याचिकाकर्ताओं ने अदालत के समक्ष आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में मेधा क्रम का सही ढंग से पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार, कुछ श्रेणियों में कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को अवसर मिला, जबकि उनसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार चयन से बाहर रह गए। ये दावे अभी न्यायिक विचाराधीन हैं और इन पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया से संबंधित अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी रखी है। साथ ही उन्होंने अनुरोध किया है कि प्राप्तांकों और मेधा सूची के आधार पर योग्य पाए जाने वाले उम्मीदवारों के नाम नियुक्ति पत्र जारी करने के लिए राज्य सरकार के पास भेजने का निर्देश आयोग को दिया जाए।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से विस्तृत जवाब मांगा है। आयोग को अगली सुनवाई से पहले हलफनामे के माध्यम से अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा। तब तक संबंधित 43 पद सुरक्षित रहेंगे, ताकि मामले के अंतिम निर्णय से पहले उन पदों पर ऐसी कार्रवाई न हो जिससे याचिकाकर्ताओं के संभावित कानूनी अधिकार प्रभावित हों।

अदालत के इस निर्देश से याचिकाकर्ताओं को तत्काल नियुक्ति नहीं मिली है और न ही उनके चयन पर अंतिम मुहर लगी है। भर्ती विवाद का आगे का परिणाम आयोग के जवाब, उपलब्ध अभिलेखों और आगामी सुनवाई में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगा। फिलहाल 30 सितंबर की सुनवाई इस मामले की अगली महत्वपूर्ण प्रक्रिया होगी।