पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र में बारिश, ठंडी हवाओं और घने कोहरे ने जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है। किरीबुरू, मेघाहातुबुरु और आसपास के पहाड़ी इलाकों में करीब 24 घंटे से मौसम बदला हुआ है। इस दौरान रुक-रुककर बारिश होने के साथ तेज ठंडी हवा चलने की जानकारी है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मौसम में यह बदलाव बंगाल की खाड़ी में सक्रिय गहरे अवदाब के प्रभाव से आया है। इसका असर झारखंड-ओडिशा सीमा से लगे सारंडा क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। लगातार बने बादलों और कोहरे के कारण दिन के समय भी वातावरण धुंधला रहा।
किरीबुरू और मेघाहातुबुरु की सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में वाहनों की आवाजाही कम दर्ज की गई। कई स्थानों पर दृश्यता इतनी घट गई कि चालकों को दिन में भी वाहनों की हेडलाइट जलानी पड़ी। बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन भी बढ़ी है।
कम दृश्यता और फिसलन के बीच दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी के साथ चलना पड़ा। पहाड़ी क्षेत्र की सड़कों पर घना कोहरा बने रहने से सामने का रास्ता स्पष्ट देखने में परेशानी हुई। खराब मौसम के कारण स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित रहीं।
बारिश का असर स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों पर भी पड़ा। बच्चे छाता और रेनकोट लेकर विद्यालय पहुंचे। वहीं, प्रतिकूल मौसम के चलते स्थानीय बाजारों में चहल-पहल अपेक्षाकृत कम रही और आम दिनों जैसी गतिविधि नजर नहीं आई।
सारंडा के इन इलाकों में फिलहाल बारिश, हवा और कोहरे का संयुक्त असर सामने आया है। ऐसे मौसम में कम दृश्यता और गीली सड़कों को देखते हुए वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखना और पर्याप्त दूरी बनाए रखना उपयोगी सावधानी हो सकती है।