सारंडा में 36 घंटे से रुक-रुककर बारिश, बोकना की पुलिया पर बह रहा कारो नदी का पानी

पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र में बारिश, ठंडी हवा और घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित है। बोकना में कारो नदी की पुलिया जलमग्न होने के बाद प्रशासन ने लोगों को उसे पार न करने की सलाह दी है।

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पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र में करीब 36 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच बोकना गांव की एक पुलिया जलमग्न हो गई है। गुवा-बड़ाजामदा मुख्य मार्ग पर पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास कारो नदी पर बनी लोहे की पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है। इससे मार्ग का उपयोग करने वाले लोगों के लिए जोखिम बढ़ गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय गहरे अवदाब के प्रभाव से झारखंड-ओडिशा सीमावर्ती इलाके का मौसम बदला है। गुवा, किरीबुरू और मेघाहातुबुरु समेत आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज ठंडी हवा और घना कोहरा बना हुआ है। लगातार खराब मौसम का असर स्थानीय जनजीवन पर दिखाई दे रहा है।

बारिश और ठंडी हवाओं के बीच स्कूली बच्चे छाता और रेनकोट लेकर विद्यालय पहुंचे। बाजारों में सामान्य दिनों के मुकाबले चहल-पहल कम रही। दुकानदारों की बिक्री पर भी मौसम का प्रभाव पड़ा है। पहाड़ी क्षेत्रों में कोहरे और बारिश के कारण लोगों को दैनिक आवाजाही में सावधानी बरतनी पड़ रही है।

सबसे गंभीर स्थिति बोकना स्थित पुलिया के पास बनी है। कारो नदी का पानी पुलिया के ऊपर से गुजरने के कारण इसे पार करना खतरनाक हो सकता है। गुवा प्रशासन ने लोगों से पानी बहने के दौरान पुलिया पार करने का प्रयास नहीं करने को कहा है। जलस्तर और बढ़ने पर दुर्घटना की आशंका को देखते हुए यह चेतावनी जारी की गई है।

प्रशासन ने लगातार बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह भी दी है। लोगों को नदी-नालों के आसपास जाने से बचने और मछली पकड़ने के लिए नदी में नहीं उतरने को कहा गया है। प्रशासन की अपील विशेष रूप से उन इलाकों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां जलस्तर बढ़ने से रास्तों और छोटी पुलियों पर पानी आ सकता है।

सारंडा के गुवा, किरीबुरू, मेघाहातुबुरु और आसपास के क्षेत्रों में फिलहाल बारिश तथा कोहरे का दौर जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। बोकना की पुलिया पर पानी कम होने तक स्थानीय लोगों और राहगीरों को वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था अपनाने तथा प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की जरूरत है।