साहिबगंज के संत जेवियर्स स्कूल में शनिवार को माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव कुमार ने विद्यार्थियों से संवाद किया। अपने गृह नगर पहुंचे कुमार ने करीब एक घंटे के कार्यक्रम में पढ़ाई, करियर, सफलता, असफलता और तेजी से बदल रही तकनीकी दुनिया से जुड़े अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में उनकी पत्नी रेखा कुमारी भी उपस्थित थीं।
विद्यालय के विद्यार्थियों ने उनसे करियर, नेतृत्व, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सफलता से जुड़े प्रश्न पूछे। कुमार ने जवाब में जिज्ञासा को आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को नई चीजें समझने, लगातार प्रश्न पूछने और अपनी रुचि के क्षेत्र में नियमित रूप से काम करने की सलाह दी।
अपने पेशेवर सफर का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उनके करियर की शुरुआत एक छोटी आईटी कंपनी से हुई थी। उन्होंने विद्यार्थियों के सामने मेहनत, सीखते रहने की इच्छा और आत्मविश्वास की भूमिका रखी। उनका संदेश था कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
तकनीक तक पहुंच पर चर्चा करते हुए कुमार ने कहा कि ज्ञान हासिल करने के लिए किसी बड़े शहर या विदेश में रहना जरूरी नहीं है। इंटरनेट और आधुनिक तकनीक की मदद से साहिबगंज में रहने वाले विद्यार्थी भी दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में उपलब्ध ज्ञान तक पहुंच सकते हैं। इसके लिए सीखने की प्रक्रिया निरंतर बनाए रखने की जरूरत है।
कार्यक्रम में झारखंड के विद्यार्थियों के कौशल विकास की योजना की जानकारी भी साझा की गई। कुमार के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के तहत राज्य में कम से कम 20 हजार विद्यार्थियों को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि इनमें करीब 10 हजार विद्यार्थियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है और इस विषय पर झारखंड सरकार से भी बातचीत हुई है।
विद्यालय में हुए इस संवाद का केंद्र विद्यार्थियों को तकनीकी बदलावों के लिए तैयार करना और उनके करियर संबंधी सवालों का उत्तर देना रहा। कुमार ने किताबी पढ़ाई के साथ व्यावहारिक जिज्ञासा विकसित करने तथा आसपास की चीजों को समझने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रबंधन ने उनका और उनकी पत्नी का स्वागत किया।