साहिबगंज महाविद्यालय की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने पर प्लेटिनम जुबली समारोह आयोजित करने की तैयारी शुरू हो गई है। महाविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यक्रम की प्रारंभिक रूपरेखा पर विचार किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के अध्यक्षों और प्राध्यापकों ने भाग लिया।
रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि संस्थान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह समारोह आयोजित किया जाएगा। आयोजन में महाविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्रों की प्रमुख भागीदारी रखने की योजना है। बैठक में मौजूद शिक्षकों और अन्य प्रबुद्धजनों ने समारोह को व्यवस्थित तथा सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।
बैठक के दौरान आयोजन समिति के गठन और समारोह के अंतर्गत होने वाली अलग-अलग गतिविधियों पर चर्चा हुई। अंग्रेजी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. संतोष कुमार चौधरी ने प्रस्तावित गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। आयोजन समिति के समन्वयक डॉ. दिनेश कुमार यादव ने कार्यक्रम पर आने वाले अनुमानित खर्च के विभिन्न पहलुओं को बैठक के सामने रखा।
प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने कहा कि साहिबगंज महाविद्यालय झारखंड और आसपास के राज्यों के उन चुनिंदा शिक्षण संस्थानों में है, जिन्हें स्थापना के 75 वर्ष पूरे करने का अवसर मिला है। महाविद्यालय की स्थापना 10 अक्टूबर 1951 को हुई थी। स्थापना के समय यह तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय का अंग था।
वर्ष 1992 में सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद साहिबगंज महाविद्यालय उसकी अंगीभूत इकाई बन गया। प्लेटिनम जुबली समारोह के जरिए संस्थान की इस लंबी शैक्षणिक यात्रा को रेखांकित करने की तैयारी है। बैठक में कार्यक्रम के संचालन, जिम्मेदारियों और आवश्यक व्यवस्थाओं से जुड़े पक्षों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
प्राचार्य ने बताया कि आगामी दिनों में महाविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्रों के साथ अलग बैठक की जाएगी। इसमें आयोजन को सफल बनाने के उपायों पर चर्चा करने के साथ उनके सुझाव भी लिए जाएंगे। बुधवार की बैठक में भूगर्भ शास्त्र, मैथिली, दर्शनशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, हिंदी, संथाली और अंग्रेजी सहित कई विभागों के अध्यक्ष एवं सहायक प्राध्यापक उपस्थित रहे।