साहिबगंज जिले के तालझारी थाना क्षेत्र स्थित मोतीझरना बाजार में एक सहायक अवर निरीक्षक के साथ मारपीट और उन्हें बिजली के खंभे से बांधने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने एएसआई चिंटू कुमार पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में हंगामा करने का आरोप लगाया है। इस आरोप की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
घटना की सूचना मिलने पर तालझारी थाना प्रभारी नीतीश पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उपलब्ध विवरण के अनुसार, पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर एएसआई को उनके कब्जे से मुक्त कराया और थाने ले गई। ग्रामीणों ने भी अधिकारी के विरुद्ध लिखित शिकायत दी है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए साहिबगंज के पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने एएसआई चिंटू कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस प्रशासन ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की विभागीय जांच भी शुरू की है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की बात कही गई है, लेकिन उसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी ओर, एएसआई को बंधक बनाने, उनकी वर्दी क्षतिग्रस्त करने और मारपीट करने के आरोप में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, एएसआई की शिकायत पर 19 नामजद और करीब 40 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस तरह मुकदमे में कुल 59 लोगों का उल्लेख है और आगे की कार्रवाई जारी है।
एएसआई ने अपनी शिकायत में कहा है कि 21 अक्टूबर को उन्हें पहले सुकसेना घाट स्थित करणपुरातो में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की ड्यूटी दी गई थी। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश पर वह महाराजपुर बाजार में मेला ड्यूटी के लिए पहुंचे। उनका दावा है कि रात करीब साढ़े आठ बजे मोतीझरना से लौटते समय कुछ लोगों ने गश्ती वाहन रुकवाकर उन्हें बाहर खींच लिया।
घटना में दो अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं। ग्रामीण अधिकारी पर नशे में हंगामा करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि एएसआई ने लोगों पर वाहन से खींचने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। अधिकारी का निलंबन और 59 लोगों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी अलग-अलग प्रशासनिक तथा कानूनी प्रक्रियाएं हैं; आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।