साहिबगंज में गंगा का बढ़ता जलस्तर अब शहर के निचले आवासीय इलाकों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार शनिवार सुबह सात बजे नदी का जलस्तर 27.89 मीटर था, जो शाम सात बजे तक 11 सेंटीमीटर बढ़कर 28.00 मीटर पर पहुंच गया। पानी बढ़ने के साथ कई मोहल्लों में बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है।
भरतिया कॉलोनी में शुक्रवार रात पानी प्रवेश कर गया था। कॉलोनी के कई मकानों के निचले तल तक पानी पहुंचने के बाद वहां रहने वाले लोगों ने घरेलू सामान समेटना शुरू कर दिया। कुछ परिवार दूसरी जगह चले गए हैं। हबीबपुर और अली नगर से जुड़े निचले इलाकों में भी पानी पहुंचने की सूचना है।
चानन, कबूतरखोपी, रसुलपुर दहला नया टोला और बिजली घाट नया टोला में भी गंगा का पानी फैल रहा है। हबीबपुर के पाइप रोड स्थित मैरिज हॉल के पास का क्षेत्र पानी से भर गया है। पास के पुल पर घुटने से ऊपर तक पानी होने की बात स्थानीय लोगों ने बताई है। प्रभावित इलाकों के निवासियों ने जलभराव बढ़ने पर पेयजल की किल्लत की आशंका जताई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार साहिबगंज अंचल के करीब 35 हजार परिवार और राजमहल अंचल की गदाई दियारा पंचायत के 1,020 परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं। दोनों अंचलों में बड़ी संख्या में छोटे-बड़े मवेशियों पर भी असर पड़ा है। जिला आपदा प्रबंधन की ओर से प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
सदर अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईन्द और अंचलाधिकारी बासुकीनाथ टुडू ने रामपुर, बलुआ टोली, दुर्गास्थान और टोपरा समेत विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परिवारों की स्थिति और जरूरतों की जानकारी ली। इस दौरान खाद्य सामग्री के साथ पशुओं के लिए चारा भी वितरित किया गया।
उधर, बरहड़वा-फरक्का मार्ग पर निसिंदरा कटान के पास पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। बड़े वाहनों का परिचालन दूसरे दिन भी बंद रहा, जबकि छोटे वाहन वैकल्पिक मार्ग से फरक्का की ओर जाते दिखाई दिए। बरहड़वा-फरक्का रेलखंड पर रेलवे लाइन क्षतिग्रस्त होने से फरक्का और मालदा की ओर जाने वाली ट्रेनों का परिचालन भी बाधित हुआ।