साहिबगंज में गंगा नदी का बढ़ता जलस्तर दियारा क्षेत्र के साथ अब शहरी आबादी के लिए भी परेशानी का कारण बन रहा है। कई ग्रामीण घरों में पानी प्रवेश कर गया है और कुछ सड़कों के डूबने से संपर्क प्रभावित होने लगा है। बाढ़ से प्रभावित लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।
सुरक्षा को देखते हुए बिजली विभाग ने सदर प्रखंड की किसन, लालबथानी उत्तर और लालबथानी दक्षिण पंचायतों में विद्युत आपूर्ति बंद कर दी है। विभाग के कनीय अभियंता नील गगन के अनुसार, बाढ़ का पानी ट्रांसफार्मर तक पहुंचने के कारण यह कदम उठाया गया। पानी घटने तक इन पंचायतों में बिजली सेवा बाधित रहेगी।
सोमवार सुबह गंगा का जलस्तर 28.32 मीटर दर्ज किया गया। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के मुताबिक मंगलवार सुबह तक इसके 28.58 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में नदी का अधिकतम जलस्तर 28.70 मीटर तक गया था। बक्सर से फरक्का के बीच नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बताई गई है।
बाढ़ का पानी शहर के कुछ हिस्सों में भी पहुंचने लगा है। भरतिया कॉलोनी को अधिक प्रभावित इलाकों में बताया गया है। खतरे को देखते हुए लोग जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए रैन बसेरा में पहुंच रहे हैं। पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर शकुंतला सहाय घाट और मालगोदाम की ओर जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने कारगिल दियारा सहित प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत सामग्री वितरित की है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आइंद ने बताया कि बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। प्रशासन प्रभावित परिवारों से पानी से घिरे स्थान छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील कर रहा है।
मौजूदा स्थिति में जलस्तर के साथ बिजली और सड़क संपर्क पर भी असर पड़ा है। प्रभावित पंचायतों और निचले इलाकों के लोगों के लिए प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना तथा सुरक्षित स्थानों पर जाना जरूरी है। बिजली आपूर्ति बहाल करने का निर्णय पानी कम होने और ट्रांसफार्मरों के आसपास स्थिति सुरक्षित होने के बाद लिया जाएगा।