साहिबगंज में गंगा 28.65 मीटर पर, दियारा और निचले इलाकों में बाढ़ का असर

साहिबगंज में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। दियारा, तराई और शहरी निचले इलाकों में पानी घुसने के बाद राहत कार्य जारी हैं।

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साहिबगंज में बढ़े गंगा जलस्तर से प्रभावित दियारा और निचले इलाके

साहिबगंज जिले में गंगा का जलस्तर इस वर्ष के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग के बुधवार शाम पांच बजे के रिकॉर्ड के अनुसार पानी 28.65 मीटर पर था। जिले में चेतावनी रेखा 26.25 मीटर और खतरे का निशान 27.25 मीटर है। आयोग ने गुरुवार से जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है।

बढ़े हुए जलस्तर और कटाव से दियारा तथा तराई क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पानी से घिरे कई इलाकों तक अब भी राहत पहुंचाने का काम चल रहा है। शहर के निचले हिस्सों में कुछ घरों में पानी प्रवेश कर गया है और निवासी घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटे हैं।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पटना से एनडीआरएफ की नौवीं बटालियन और रांची स्थित क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र से 30 सदस्यों की टीम साहिबगंज पहुंची है। टीम प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य कर रही है। गंगा में पिछले दिनों लापता हुई छह वर्षीय बच्ची की तलाश भी जारी बताई गई है।

उधवा प्रखंड के एक दर्जन से अधिक सरकारी विद्यालयों में पानी घुसने से पढ़ाई प्रभावित हुई है। राजमहल और मंडरो प्रखंड के कुछ टोले भी बाढ़ की चपेट में हैं। मंडरो के नया टोला गांव में दर्जनों घरों में पानी प्रवेश करने की सूचना है, जिससे वहां सामान्य जनजीवन बाधित हुआ है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित की है। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी सहायता पहुंचा रहे हैं। कई स्थानों पर लोग पानी से बचने के लिए घरों की छतों और मचान पर ठहरे हुए हैं। पशुओं के लिए चारे की कमी भी स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, साहिबगंज में गंगा का अधिकतम जलस्तर 2022 में 28.60 मीटर, 2023 में 27.38 मीटर, 2024 में 28.06 मीटर और 2025 में 28.70 मीटर दर्ज हुआ था। मौजूदा स्तर पिछले तीन वर्षों के अधिकतम आंकड़ों से ऊपर है, हालांकि यह 2025 के दर्ज स्तर से अभी थोड़ा कम है।