साहिबगंज प्रखंड के मखमलपुर दक्षिण के पास बिहार को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर बाढ़ का पानी भरने से आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित है। बाबूपुर होकर दियारा क्षेत्रों की ओर जाने वाले इस रास्ते पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। स्थानीय लोगों को अब नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कारगिल दियारा, लालबथानी, मखमलपुर दक्षिण, किशन प्रसाद और बलुआ दियारा के आसपास रहने वाले लोगों को बाबूपुर दियारा आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क करीब पांच गांवों को जोड़ती है और पिछले लगभग एक सप्ताह से इस पर बाढ़ का पानी मौजूद है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क के आसपास पांच से छह फीट तक पानी तेज गति से बह रहा है। धार के कारण पैदल रास्ता पार करना भी कठिन बताया जा रहा है। मखमलपुर हाजी टोला के एक ग्रामीण के अनुसार, फिलहाल आवागमन का एकमात्र साधन नाव है। नाव से आने-जाने के लिए 100 रुपये और बाइक ले जाने पर 50 रुपये अतिरिक्त लिए जाने की बात भी कही गई है।
लालबथानी की मुख्य सड़क पर दो स्थानों पर पानी आने की सूचना है। पानी कुछ घटने के बावजूद रास्ता पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। इसके बाद भी लोग महिलाओं और बच्चों को बाइक पर बैठाकर तथा सामान लदे टोटो के साथ इसी मार्ग से गुजर रहे हैं, जबकि तेज बहाव के कारण यात्रा जोखिमपूर्ण बनी हुई है।
बाढ़ का असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं है। किशन प्रसाद दियारा में पुल के पास रहने वाले कुछ किसान निचले हिस्से से अपने बथान हटाकर मुख्य सड़क के किनारे ले आए हैं। निचले इलाकों में पानी भरने के कारण मवेशियों का चारा काटने वाली मशीनें काम नहीं कर पा रही हैं, जिससे पशुपालकों की परेशानी बढ़ी है।
दर्ज जलस्तर के अनुसार, दो सितंबर की सुबह सात बजे पानी 27.59 मीटर और शाम सात बजे 27.58 मीटर था। मामूली कमी के बावजूद सड़क पर पानी और तेज धार की स्थिति बनी हुई है। सड़क संपर्क सामान्य होने तक दियारा क्षेत्र के ग्रामीणों की निर्भरता नावों पर बनी रहने की संभावना है।