सिमडेगा जनता दरबार में जमीन, राशन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े आवेदन पहुंचे

उपायुक्त कंचन सिंह ने समाहरणालय में ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और संबंधित मामलों के निष्पादन में अनावश्यक देरी नहीं करने का निर्देश दिया।

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सिमडेगा समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में जिले के दूरवर्ती क्षेत्रों से आए ग्रामीणों ने उपायुक्त कंचन सिंह के सामने अपनी समस्याएं रखीं। उपायुक्त ने आवेदकों से सीधे संवाद कर शिकायतों की जानकारी ली। इस दौरान व्यक्तिगत मामलों के साथ सामाजिक और जनहित से जुड़े विषय भी प्रशासन के समक्ष पहुंचे।

जनता दरबार में जमीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड और राजस्व व्यवस्था से संबंधित कई आवेदन दिए गए। इनमें आवेदन के बावजूद भूमि का ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज नहीं होने, पैतृक एवं संयुक्त जमीन के आपसी बंटवारे तथा ऑनलाइन लगान रसीद जारी करने की मांग शामिल रही।

सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मामलों पर भी ग्रामीणों ने हस्तक्षेप की मांग की। कन्यादान योजना का लाभ नहीं मिलने, दिव्यांगता प्रमाणपत्र में दर्ज प्रतिशत में सुधार और एक राशन डीलर की दुकान रद्द करने से संबंधित आवेदन उपायुक्त को सौंपे गए।

ग्रामीणों ने अपने क्षेत्रों में नए नलकूप और पीसीसी पथ के निर्माण की जरूरत भी बताई। इसके अलावा एक दवा वितरण केंद्र को बिक्री केंद्र में बदलने तथा पर्यटन स्थल भंवर पहाड़ के सौंदर्यीकरण का विषय भी जनता दरबार में उठाया गया।

एक आवेदन में ग्रामीणों ने बिजली विभाग की ओर से 37 पेड़ काटे जाने के बावजूद मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत की। वहीं, ग्रामसभा की प्रक्रिया पूरी किए बिना कृषक मित्र को पद से हटाने का मामला भी सामने रखा गया। धोखाधड़ी, ठगी और मानसिक प्रताड़ना से जुड़ी शिकायत भी प्रशासन को दी गई।

उपायुक्त ने प्रत्येक फरियादी की बात सुनते हुए संबंधित मामलों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को आवेदनों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब नहीं करने का निर्देश दिया। जनता दरबार में आए मामलों पर आगे की कार्रवाई और उनके अंतिम निपटारे के संबंध में उपलब्ध विवरण में कोई समयसीमा नहीं बताई गई है।