सिमडेगा में रूबेला के दो मामले, प्रभावित गांवों में बच्चों का टीकाकरण तेज

रूबेला के दो मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नदीपार और मुंडाटोली में निगरानी बढ़ाई है। नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को एमआर का अतिरिक्त टीका लगाया जा रहा है।

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सिमडेगा जिले के दो अलग-अलग गांवों में 24 घंटे के भीतर रूबेला के दो मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है। विभाग की टीमें ताराबोगा पंचायत के नदीपार गांव और कुड़पानी के मुंडाटोली में शिविर लगाकर बच्चों की जांच कर रही हैं। नौ माह से पांच वर्ष तक के चिह्नित बच्चों को एमआर का अतिरिक्त टीका भी लगाया जा रहा है।

मुंडाटोली में 102 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। मंगलवार तक यहां 28 बच्चों को टीका लगाया गया था, जबकि बुधवार के अभियान में 42 बच्चों को एमआर का टीका दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नदीपार गांव में पात्र बच्चों का टीकाकरण पूरा किया जा चुका है।

मुंडाटोली क्षेत्र में अभियान को गति देने के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें गांवों में शिविर लगाने के साथ घर-घर जाकर बच्चों की जानकारी जुटा रही हैं। जिन बच्चों को निर्धारित एमआर टीका नहीं लगा है, उनकी पहचान कर टीकाकरण किया जा रहा है। संदिग्ध लक्षण वाले बच्चों का विवरण भी एकत्र किया जा रहा है।

स्वास्थ्य सहिया अभिभावकों को बच्चों के टीके पूरे कराने के लिए जागरूक कर रही हैं। ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि बच्चे में बुखार या शरीर पर लाल अथवा गुलाबी चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। हालांकि मुंडाटोली में लगाए जा रहे शिविरों में अपेक्षित भागीदारी नहीं होने की बात भी सामने आई है।

रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कर्मियों को गांवों का नियमित भ्रमण करने, नए संदिग्ध मामलों की पहचान करने और सभी पात्र बच्चों का टीकाकरण पूरा करने का निर्देश दिया है। अभियान का उद्देश्य संक्रमण को आगे फैलने से रोकना और बच्चों को टीके से सुरक्षा देना बताया गया है।

सिविल सर्जन डॉ. सुंदर मोहन सामाद के अनुसार विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए गांवों में शिविर चला रहा है। ग्रामीणों को रूबेला के बारे में जानकारी दी जा रही है और नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को एमआर टीका लगाया जा रहा है। विभाग ने अभिभावकों से स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग करने और पात्र बच्चों को शिविर तक लाने की अपील की है।