गुमला में जनगणना 2027 के लिए प्रशिक्षण, डिजिटल गणना के साथ मिलेगा स्व-गणना का विकल्प

गुमला में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारी के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल प्रक्रिया, 40 निर्धारित प्रश्नों तथा आंकड़ा संकलन के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।

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गुमला में जनगणना 2027 की तैयारी के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम

गुमला में जनगणना 2027 के दूसरे चरण के तहत जनसंख्या गणना की तैयारी शुरू हो गई है। बुधवार को जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय के सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें गणना की प्रक्रिया, कार्यप्रणाली और निर्धारित दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन ने किया। उन्होंने जनगणना को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य बताते हुए कहा कि इससे जनसंख्या से जुड़े आवश्यक आंकड़े एकत्र किए जाते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और प्रगणकों से कार्य को पारदर्शी, व्यवस्थित और त्रुटिरहित तरीके से पूरा करने को कहा।

उप विकास आयुक्त ने गणना के दौरान नागरिकों के साथ विनम्र और सहयोगात्मक व्यवहार करने का निर्देश भी दिया। प्रतिभागियों से कहा गया कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें, ताकि आंकड़ों के संकलन में किसी तरह की चूक न हो।

प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना 2027 के अंतर्गत जनसंख्या गणना डिजिटल माध्यम से की जाएगी। नागरिकों के लिए स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इसके जरिए वे निर्धारित पोर्टल पर अपनी गणना से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। जनसंख्या गणना के लिए कुल 40 प्रश्न निर्धारित किए गए हैं।

जनगणना कार्य निदेशालय, झारखंड के उप निदेशक गजेंद्र गुप्ता और सांख्यिकी अन्वेषक राजा शंकर ठाकुर ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने प्रश्नों की प्रकृति, आंकड़े जुटाने की विधि और कार्य निष्पादन से जुड़े प्रमुख बिंदुओं को विस्तार से समझाया।

कार्यक्रम में गुमला, बसिया और चैनपुर के अनुमंडल पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, सहायक चार्ज पदाधिकारी तथा जिला जनगणना कोषांग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान प्रथम चरण में उत्कृष्ट कार्य के लिए सिसई के अंचल अधिकारी अशोक कुमार बड़ाईक और बसिया के अंचल अधिकारी नरेश मुंडा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।