हजारीबाग में एनएच-33 स्थित नगवां टोल प्लाजा पर सीमित संख्या में लेन संचालित होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यहां कुल 16 लेन बनी हैं, लेकिन सामान्य दिनों में भी इनमें से करीब 10 से 12 लेन ही चालू दिखाई देती हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि एक साथ अधिक वाहन पहुंचने पर चालू लेनों पर दबाव बढ़ जाता है। इससे टोल परिसर में वाहनों की कतार लंबी होने लगती है और यात्रियों को टोल पार करने के लिए अपेक्षा से अधिक समय इंतजार करना पड़ता है। व्यस्त अवधि में बंद लेनों के कारण यह समस्या और बढ़ने की बात कही गई है।
टोल प्लाजा में कर्मचारियों की उपलब्धता को भी व्यवस्था से जुड़ी समस्या बताया गया है। प्रकाशित जानकारी के मुताबिक, यहां करीब 140 कर्मचारी होने का दावा है, जबकि ड्यूटी के दौरान लगभग 50 से 60 कर्मचारी ही नजर आने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के एक अन्य हिस्से में मौके पर कर्मचारियों की संख्या 30 से 40 तक दिखने का उल्लेख भी है।
स्थानीय वाहन चालकों के अनुसार, पर्याप्त संख्या में कर्मचारी मौजूद नहीं रहने पर लेनों का संचालन प्रभावित होता है। उनका कहना है कि टोल वसूली के साथ यात्रियों को तेज और व्यवस्थित सेवा मिलनी चाहिए, ताकि अधिक वाहन आने की स्थिति में कतार लगातार न बढ़े।
टोल प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार ने मीडिया से बातचीत में प्लाजा पर करीब 140 कर्मचारी होने की जानकारी दी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ कर्मचारी हाजिरी दर्ज कराने के बाद चले जाते हैं। उनके इस बयान से वास्तविक ड्यूटी में कर्मचारियों की कम उपस्थिति की शिकायत को आधार मिलता है।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट में कर्मचारियों के खिलाफ किसी प्रशासनिक कार्रवाई या सभी 16 लेन नियमित रूप से चालू करने की समयसीमा का उल्लेख नहीं है। ऐसे में नगवां टोल प्लाजा की व्यवस्था सुधारने और यातायात दबाव के समय पर्याप्त लेन खोलने को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।