हजारीबाग के 20 प्रमुख चौक-चौराहों पर चार महीने में शुरू होगा स्वचालित ट्रैफिक सिग्नल का ट्रायल

झारखंड हाईकोर्ट ने हजारीबाग की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए स्वचालित सिग्नल, पार्किंग, अतिक्रमण हटाने और वेंडिंग जोन से जुड़े समयबद्ध निर्देश दिए हैं।

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झारखंड हाईकोर्ट ने हजारीबाग शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए चार महीने के भीतर 20 प्रमुख चौक-चौराहों पर ऑटोमेटेड ट्रैफिक लाइट मैनेजमेंट सिस्टम का ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया है। अदालत ने उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और नगर आयुक्त को निर्देशों के अनुपालन के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए चार महीने में अलग-अलग शपथपत्र दाखिल करने को कहा है।

यह आदेश वर्ष 2021 में दायर जनहित याचिका पर आया है। याचिका में अव्यवस्थित यातायात, फुटपाथों पर अतिक्रमण, पार्किंग की कमी, खराब ट्रैफिक सिग्नल और निष्क्रिय सीसीटीवी कैमरों का मुद्दा उठाया गया था। अदालत की ओर से नियुक्त अधिवक्ता आयुक्त की निरीक्षण रिपोर्ट में कई प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की अनुपस्थिति, खराब सिग्नल और बेतरतीब पार्किंग जैसी समस्याएं दर्ज की गई थीं।

नगर निगम ने पहले ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम के लिए करीब 38.64 करोड़ रुपये की योजना बनाई थी, लेकिन अधिक लागत और वित्तीय स्वीकृति स्पष्ट नहीं होने के कारण काम आगे नहीं बढ़ा। बाद की निविदा प्रक्रिया में 19 अगस्त 2026 को कीहोल डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड के साथ करीब 2.68 करोड़ रुपये का समझौता किया गया। इसी परियोजना को चार महीने में परीक्षण के लिए तैयार करने का निर्देश मिला है।

चिह्नित स्थानों में जिला कोर्ट चौक, कोर्रा चौक, बाबूगांव चौक, मटवारी चौक, सेंट कोलंबा कॉलेज मोड़, बड़कागांव मोड़, भारत माता चौक, पीटीसी चौक, डीवीसी चौक, सर्किट हाउस चौक, इंद्रपुरी चौक, झंडा चौक, पुराने और नए बस स्टैंड के चौक समेत शहर के अन्य प्रमुख चौराहे शामिल हैं। इन जगहों पर जेब्रा क्रॉसिंग और जरूरी यातायात संकेतक भी लगाए जाने हैं।

सिग्नलों के रखरखाव के लिए तीन सदस्यीय निगरानी टीम गठित करने को कहा गया है। इसमें नगर निगम के सहायक अभियंता स्तर के अधिकारी, इंस्पेक्टर स्तर के यातायात पुलिस अधिकारी और संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि शामिल होंगे। कोई सिग्नल 48 घंटे से अधिक खराब रहा तो उसे अगले 48 घंटे में ठीक करना होगा।

अदालत ने सुबह आठ से रात आठ बजे तक अधिसूचित नगर निगम क्षेत्र में भारी और व्यावसायिक मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का भी निर्देश दिया है, हालांकि आवश्यक सेवाओं को छूट मिलेगी। तीन महीने में निर्धारित पार्किंग स्थलों का नक्शा पेश करने और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के साथ चार महीने में वेंडिंग तथा नॉन-वेंडिंग जोन अधिसूचित करने को कहा गया है। बाइपास पर बस टर्मिनल के लिए जमीन की स्थिति भी स्पष्ट करनी होगी।