रांची में सहकारिता प्रभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज के साथ मार्केटिंग सेंटर स्थापित करने की प्रस्तावित योजना पर चर्चा हुई। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष की इस योजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराने की प्रक्रिया चल रही है। उपलब्ध रिपोर्ट से विभाग के पूरी तरह संतुष्ट नहीं होने के कारण इसमें सुधार पर जोर दिया गया है।
मंत्री ने अधिकारियों को बेहतर लॉजिस्टिक और शीत शृंखला विकसित करने वाली देश की अग्रणी कंपनियों से तकनीकी परामर्श लेने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि परियोजना में बड़ी राशि का निवेश होना है, इसलिए इसकी संरचना तैयार करते समय आधुनिक तकनीक, ऊर्जा दक्षता, विपणन व्यवस्था और भविष्य की जरूरतों को शुरुआत से शामिल किया जाना चाहिए।
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य के करीब 20 जिलों में पांच हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज बनाए गए हैं। अब प्रस्तावित केंद्रों में भंडारण के साथ कृषि उत्पादों के विपणन की सुविधा जोड़ने की तैयारी है। विभाग ने बजट प्रावधान, खर्च की प्रगति, नई योजनाओं की स्थिति और उनके क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों की भी समीक्षा की।
लाह उत्पादन से जुड़ी ‘लाह पोषक समृद्धि योजना’ पर भी विचार हुआ। इसके तहत लाभुकों को 400 सीमियालता, पांच कुसुम, पांच बेर और 20 कैलियेंड्रा या कैलोथायरस के पौधे देने का प्रावधान है। विभाग के मुताबिक, लगभग 20 डिसमिल भूमि पर एकीकृत खेती को बढ़ावा देकर लाह के साथ दूसरी कृषि गतिविधियों से भी आय के स्रोत विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत सरकारी विद्यालयों के मध्याह्न भोजन के लिए मड़ुआ के आटे की आपूर्ति के प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई। पायलट परियोजना में रांची, खूंटी और सरायकेला-खरसावां को शामिल किया गया है तथा इस संबंध में शिक्षा विभाग से पत्राचार किया जा चुका है। योजना के माध्यम से स्थानीय मड़ुआ उत्पादकों के लिए बाजार और बच्चों के भोजन में पौष्टिक अनाज उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
कृषि मंत्री ने विभागीय योजनाओं को तय समय में लागू करने, तकनीकी गुणवत्ता बनाए रखने और किसानों तक प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ झास्कोलैम्प्स, झमकोफेड, सिद्धकोफेड, झास्कोफिश और झारखंड मिल्क फेडरेशन के प्रतिनिधि शामिल हुए। फिलहाल कोल्ड स्टोरेज और मार्केटिंग सेंटर परियोजना प्रस्ताव तथा डीपीआर तैयार करने के चरण में है।