रांची जिले की ओरमांझी पुलिस ने किराये पर ली गई कारों को कथित तौर पर दूसरे लोगों के पास गिरवी रखने वाले गिरोह का खुलासा किया है। मामले में मुंगेर निवासी विश्वजीत कुमार सिंह उर्फ विक्की, उसकी पत्नी ज्योति सिंह और विधानसभा थाना क्षेत्र के मनोज कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने विश्वजीत को गिरोह का सरगना बताया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी वाहन मालिकों को अधिक किराया देने का भरोसा देकर उनकी कारें लेते थे। शुरुआत में एक-दो महीने तक नियमित भुगतान किया जाता था, जिससे वाहन मालिकों का विश्वास बना रहे। आरोप है कि बाद में कारों को मोटी रकम के बदले अन्य लोगों के पास गिरवी रख दिया जाता था। इसके बाद किराया बंद कर वाहन मालिकों से संपर्क भी तोड़ दिया जाता था।
जांच में सामने आया कि विश्वजीत रातू रोड स्थित प्रार्थना हाइट्स में शुभ यात्रा ट्रैवल्स नाम से कार्यालय चला रहा था। पुलिस का कहना है कि इसी कार्यालय के माध्यम से वाहन मालिकों से किराये पर गाड़ियां लेने की प्रक्रिया चलाई जाती थी। आरोपों और पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है।
यह कार्रवाई ओरमांझी थाना क्षेत्र के हरचंडा निवासी सनी कुमार की शिकायत पर दर्ज धोखाधड़ी की प्राथमिकी के बाद की गई। शिकायत में कहा गया था कि आरोपियों ने किराये के नाम पर फॉर्च्यूनर और सेल्टोस कारें ली थीं। बाद में वाहनों की जानकारी नहीं मिलने पर वाहन मालिक ने पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस ने गिरफ्तार लोगों की निशानदेही पर एक फॉर्च्यूनर, मारुति एस-प्रेसो, फ्रॉन्क्स और बिना नंबर की नई बलेनो समेत चार कारें बरामद की हैं। इनके साथ छह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। बरामद वाहनों और मोबाइल फोन से जुड़े विवरण की जांच की जा रही है।
पुलिस रिकॉर्ड की पड़ताल में विश्वजीत के खिलाफ रांची के नामकुम, कांके और ओरमांझी थानों के साथ बिहार के मुंगेर जिले में हत्या के प्रयास और रंगदारी समेत कई मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। मनोज कुमार के खिलाफ मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाने में उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज बताया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और बाकी वाहनों का पता लगा रही है।