अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के नेतृत्व में झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ 11 सूत्री मांगों को लेकर 12 दिसंबर को नई दिल्ली में प्रदर्शन करेगा। महासंघ के अनुसार, यह प्रदर्शन रामलीला मैदान में आयोजित किया जाएगा।
प्रदर्शन की घोषणा जमशेदपुर के साकची स्थित टीबी अस्पताल के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की गई। प्रदेश महामंत्री वीरेन्द्र कुमार यादव, राज्य अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ ठाकुर और प्रदेश उपाध्यक्ष शर्मिला ठाकुर ने संयुक्त रूप से प्रस्तावित कार्यक्रम और मांगों की जानकारी दी।
महासंघ की प्रमुख मांगों में आउटसोर्स और संविदा पर कार्यरत सभी कर्मचारियों का नियमितीकरण तथा समान काम के लिए समान वेतनमान लागू करना शामिल है। संगठन ने पांच दिन का कार्य सप्ताह घोषित करने की मांग भी अपने एजेंडे में रखी है।
कर्मचारी प्रतिनिधियों ने पीएफआरडीए अधिनियम के साथ नई पेंशन प्रणाली और एकीकृत पेंशन योजना को समाप्त करने की मांग उठाई। उन्होंने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने तथा पेंशन अधिनियम 2025 को रद्द करने की मांग भी प्रस्तावित प्रदर्शन के मुद्दों में शामिल की है।
संवाददाता सम्मेलन के दौरान झारखंड विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ को राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ से विधिवत संबद्धता देने की घोषणा भी की गई। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के महामंत्री विश्वम्भर यादव ने शिक्षण संस्थानों में आउटसोर्स और संविदा आधारित नियुक्तियों का मुद्दा उठाया।
वीरेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के कर्मचारियों की मांगों को लेकर दोनों संगठन मिलकर प्रयास करेंगे। फिलहाल महासंघ ने दिल्ली प्रदर्शन की तारीख और स्थान घोषित किया है तथा अपनी 11 सूत्री मांगों में रोजगार की शर्तों, वेतन, कार्य सप्ताह और पेंशन से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी है।