H1N1 को लेकर झारखंड में सतर्कता बढ़ी, अस्पतालों को अतिरिक्त बेड तैयार रखने का निर्देश

स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षणों की नियमित निगरानी और संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच व उपचार सुनिश्चित करने को कहा है।

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H1N1 की निगरानी और उपचार व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश की प्रतीकात्मक तस्वीर

रांची: झारखंड में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य के सभी जिलों में मामलों की लगातार निगरानी करने तथा मरीजों की समय पर पहचान, जांच और उपचार की व्यवस्था मजबूत रखने का निर्देश दिया है। इस संबंध में 29 अगस्त को विभागीय एडवाइजरी जारी की गई।

एडवाइजरी सभी उपायुक्तों, सिविल सर्जनों, मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के अधीक्षकों और प्राचार्यों तथा जिला सर्विलांस पदाधिकारियों को भेजी गई है। अधिकारियों से इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (सारी) के मामलों पर नियमित नजर रखने को कहा गया है। संभावित मामलों में असामान्य बढ़ोतरी दिखने पर तुरंत सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।

सदर अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, रिम्स, अनुमंडलीय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को संदिग्ध मरीजों की पहचान, चिकित्सकीय आकलन, जांच और उपचार के लिए तैयार रहने का निर्देश मिला है। रिम्स सहित सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और सदर अस्पतालों में आवश्यकता के समय इस्तेमाल के लिए 10 अतिरिक्त बेड सुरक्षित रखने को कहा गया है।

अस्पतालों में ऑक्सीजन, जरूरी दवाओं, जांच सुविधाओं, आईसीयू और एचडीयू के साथ प्रशिक्षित चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। बुखार, खांसी, गले में दर्द, सर्दी-जुकाम या सांस संबंधी लक्षण वाले मरीजों का चिकित्सकीय मूल्यांकन करने और जरूरत के अनुसार इन्फ्लुएंजा अथवा H1N1 की जांच कराने का निर्देश है।

गंभीर मरीजों को बिना देर किए उच्च चिकित्सा संस्थान भेजने और प्रत्येक जिले में प्रभावी रेफरल व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है। इसके साथ ही एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सतर्कता तथा जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।

स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण के निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन को भी एडवाइजरी में प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों से अफवाहों को रोकने, लोगों तक प्रमाणित जानकारी पहुंचाने तथा किसी गंभीर या असामान्य स्थिति की तत्काल रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है।