गिरिडीह में वाहन और आवास योजनाओं के नाम पर ठगी का आरोप, संगठन के चार लोग गिरफ्तार
गिरिडीह में रियायती वाहन और दूसरी योजनाओं के नाम पर ठगी की शिकायत के बाद पुलिस ने एक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष, उनकी पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
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गिरिडीह में रियायती वाहन और दूसरी योजनाओं के नाम पर ठगी की शिकायत के बाद पुलिस ने एक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष, उनकी पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
गोड्डा पुलिस के अनुसार, 15 अगस्त की रात ऊर्जानगर के एक क्वार्टर में हुई चोरी के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। उसके घर से 4.50 लाख रुपये और आभूषण बरामद होने का दावा है।
कैथा चौक के पास से मंगलवार रात पानेश्वर महतो को जबरन वाहन में बैठाकर ले जाने की सूचना के बाद पुलिस ने रातभर छापेमारी की। बुधवार सुबह उन्हें हजारीबाग से सुरक्षित बरामद किया गया।
पुलिस आधुनिकीकरण के दूसरे चरण में पूर्वी सिंहभूम को 40 नए पेट्रोलिंग वाहन मिले हैं। इन्हें गोलमुरी पुलिस केंद्र से विभिन्न थाना क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया।
बरहरवा थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर डराने और अलग-अलग खातों में करीब 1.20 करोड़ रुपये जमा कराने की शिकायत की है। पुलिस ने विशेष जांच दल बनाया है।
ग्राहक ने बीमा पॉलिसी में कुल 9.27 लाख रुपये जमा कराने के लिए कथित रूप से गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। न्यायालय के निर्देश पर धनबाद थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया।
झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देशों का प्रभावी अनुपालन नहीं होने पर डीजीपी तदाशा मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।
कंपनी की शिकायत पर हंसडीहा पुलिस और विजिलेंस टीम ने दुकानों तथा एक गोदाम की जांच की। तीन लोगों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कोटालपोखर थाना क्षेत्र के केशोपुर गांव में पोखर से मशीन द्वारा पानी निकालने को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।
जिला मैदान परिसर में खिलाड़ियों के लिए तैयार हॉस्टल से फ्रिज, कूलर और वाशिंग मशीन समेत कई सामान चोरी होने की सूचना है। खेल विभाग ने थाने में आवेदन दिया है।
उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई एनसीओआरडी बैठक में संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, नियमित छापेमारी, वाहन जांच और वैकल्पिक खेती की कार्ययोजना पर जोर दिया गया।
पलामू की विशेष एसीबी अदालत ने विश्रामपुर के तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी रमेशचंद्र प्रसाद को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
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