छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से बलरामपुर होते हुए झारखंड के बरवाडीह तक नई रेल लाइन बिछाने की घोषणा की गई है। प्रकाशित जानकारी के अनुसार, यह मार्ग अंबिकापुर-गढ़वा रोड और रामानुजगंज-बरवाडीह रेल लाइनों से अलग होगा। प्रस्तावित लाइन के जरिए गढ़वा जिले के बड़गड़ और भंडरिया क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
नई दिल्ली में गुरुवार को पलामू सांसद विष्णु दयाल राम के नेतृत्व में रेलवे लाइन संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी बैठक में प्रतिनिधिमंडल को अंबिकापुर-बलरामपुर-बरवाडीह रेल लाइन के बारे में जानकारी दी गई।
प्रस्तावित मार्ग में छत्तीसगढ़ के तेवाली और बलरामपुर में नए जंक्शन बनाए जाने की बात भी सामने आई है। यह लाइन बरवाडीह तक पहुंचेगी, जबकि इसका लाभ गढ़वा के बड़गड़, भंडरिया और आसपास के इलाकों को मिलने की उम्मीद जताई गई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि द्वितीय विश्व युद्ध के समय बरवाडीह से छत्तीसगढ़ के चिरमिरी तक रेल लाइन परियोजना शुरू हुई थी। उस परियोजना में भंडरिया और बड़गड़ क्षेत्र शामिल थे। बाद में स्वीकृत अंबिकापुर-गढ़वा रोड तथा रामानुजगंज-बरवाडीह लाइनों के संरेखण में ये इलाके शामिल नहीं हो सके।
बड़गड़ और भंडरिया को रेल मार्ग से जोड़ने की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने रेलवे लाइन संघर्ष समिति बनाई थी। समिति इस विषय को विभिन्न स्तरों पर उठाती रही। रेल मंत्री से हुई ताजा मुलाकात को इसी प्रयास की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
सांसद विष्णु दयाल राम ने प्रस्तावित रेल लाइन को बड़गड़, भंडरिया और आसपास के क्षेत्रों के लिए दूरगामी महत्व वाला बताया। उनके अनुसार, इससे बेहतर रेल संपर्क मिलने के साथ रोजगार, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। सांसद ने इस घोषणा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया है।