जेएसएससी-सीजीएल जांच में सफल अभ्यर्थियों से जुड़े बैंक लेन-देन पर सीआईडी का फोकस

अदालत में पेश अभियोजन सामग्री के अनुसार, कुछ सफल अभ्यर्थियों और उनके परिचितों के खातों से आरोपी के खाते में रकम भेजे जाने तथा परीक्षा से पहले हुई बातचीत की जांच की जा रही है।

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जेएसएससी सीजीएल परीक्षा की जांच से संबंधित सांकेतिक दृश्य

रांची में जेएसएससी सीजीएल-2023 परीक्षा से जुड़े कथित घोटाले की जांच अब कुछ सफल अभ्यर्थियों और उनसे जुड़े लोगों के वित्तीय लेन-देन पर केंद्रित है। अदालत में पेश जांच सामग्री के मुताबिक, अभ्यर्थियों के परिजनों और परिचितों के खातों से आरोपी दिलीप कुमार पासवान के खाते में लाखों रुपये भेजे जाने का उल्लेख है। सीआईडी इन लेन-देन और आपसी संपर्कों की पड़ताल कर रही है।

रांची के एजेसी-1 योगेश कुमार की अदालत ने सात अक्टूबर को दिलीप कुमार पासवान की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। आदेश में अभियोजन की ओर से रखे गए तथ्यों के आधार पर कई सफल अभ्यर्थियों, उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों और परीक्षा से पहले प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराने की कथित व्यवस्था का जिक्र किया गया है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होनी बाकी है।

अभियोजन सामग्री के अनुसार, प्रभाकर शर्मा की मां शांति देवी के खाते से सितंबर-अक्टूबर 2024 के दौरान करीब छह लाख रुपये दिलीप के एसबीआई खाते में भेजे गए थे। प्रभाकर शर्मा, उनकी पत्नी अस्मिता करुणा और उनकी बहन विजेता के नाम भी जांच में आने की बात कही गई है।

आदेश में रामचरन सिंह गुर्जर से जुड़े लेन-देन का भी उल्लेख है। अभियोजन के मुताबिक, परीक्षा परिणाम के बाद उनके दोस्त देवनारायण गुर्जर के खाते से करीब 3.50 लाख रुपये और रामचरन के खाते से करीब 1.50 लाख रुपये आरोपी के खाते में भेजे गए। हरि सिंह गुर्जर के खाते से करीब तीन लाख रुपये के हस्तांतरण की भी जांच की जा रही है।

सीआईडी ने आरोपी और अस्मिता करुणा के बीच कथित व्हाट्सऐप बातचीत को जांच के लिए महत्वपूर्ण बताया है। अभियोजन का कहना है कि परीक्षा से पहले हुई बातचीत में प्रश्नों, उनके उत्तर और उत्तर याद करने से जुड़ी चर्चा थी। जांच एजेंसी मोबाइल संवाद, बैंक लेन-देन और अभ्यर्थियों के संपर्कों को जोड़कर कथित नेटवर्क की भूमिका समझने का प्रयास कर रही है।

जांच सामग्री में पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित सितुलपुर के एक क्वार्टर में करीब 30 से 35 अभ्यर्थियों को जुटाने का दावा भी है। अभियोजन के अनुसार, वहां परीक्षा से संबंधित प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराकर उन्हें याद करने को कहा गया था। अदालत के आदेश में बोकारो के दुग्धा, नियामतपुर, दुर्गापुर, पटना और नेपाल के बीरगंज का भी उल्लेख है। इन सभी दावों की जांच जारी है।