आईआईटी आईएसएम धनबाद की पहल में 26 युवाओं ने पूरा किया चार महीने का सीएडी-कैम प्रशिक्षण

एसीआईसी आईआईटी (आईएसएम) फाउंडेशन के चार महीने के तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरा करने वाले 26 विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र दिए गए।

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आईआईटी आईएसएम धनबाद के तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रमाण-पत्र पाने वाले विद्यार्थी

धनबाद में युवाओं को तकनीकी कौशल से जोड़ने के लिए चलाए गए चार महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम को 26 विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक पूरा किया है। एसीआईसी आईआईटी (आईएसएम) फाउंडेशन ने अभिकल्पन डिजाइन स्टूडियो के सहयोग से यह कार्यक्रम संचालित किया। प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को आयोजित समारोह में प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कंप्यूटर-एडेड डिजाइन यानी सीएडी और कंप्यूटर-एडेड मैन्युफैक्चरिंग यानी कैम का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने डिजाइन तथा विनिर्माण से जुड़े आधुनिक तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल की जानकारी हासिल की और व्यावहारिक अभ्यास भी किया। कार्यक्रम का वित्तपोषण एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने किया।

प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के निदेशक विनोद कुमार मुख्य अतिथि रहे, जबकि आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने अध्यक्षता की। प्रो. सौम्या सिंह ने स्वागत संबोधन दिया। समारोह में संस्थान, फाउंडेशन और प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी तथा प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आकांक्षा सिन्हा ने नवाचार, उद्यमिता और कौशल विकास में संस्थान की भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने वंचित वर्गों के युवाओं तक तकनीकी शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों और सरकारी संगठनों के बीच समन्वय को जरूरी बताया।

प्रो. सुकुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों को लगातार सीखते रहने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार, प्रत्यक्ष संवाद और व्यावहारिक प्रशिक्षण से तकनीकी विषयों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। प्रशिक्षण से मिलने वाला अनुभव विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और कार्यक्षमता को बढ़ाने में भी उपयोगी हो सकता है।

मुख्य अतिथि विनोद कुमार ने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से समावेशी विकास में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की भूमिका रेखांकित की। उन्होंने ऐसी योजनाओं को ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों तक पहुंचाने की आवश्यकता जताई। आयोजकों के मुताबिक, प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं की तकनीकी दक्षता बढ़ाकर उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं को मजबूत करना है।