आदित्यपुर में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, पति समेत चार आरोपी न्यायिक हिरासत में

सरायकेला-खरसावां के आदित्यपुर में नवविवाहिता की मौत के बाद पिता की शिकायत पर दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच कर रही है।

2 मिनट पढ़ें 7 बार पढ़ी गई
आदित्यपुर में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले की जांच करती पुलिस का सांकेतिक दृश्य

सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने उसके पति सहित चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह और घटना के समय की परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।

मामला सतवाहनी स्थित जॉय नेक्स्ट अपार्टमेंट का है, जहां पिंकी महतो अपने पति मनीष शर्मा के साथ रह रही थीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों ने कुछ महीने पहले प्रेम विवाह किया था। पिंकी के पिता ललित महतो की लिखित शिकायत के आधार पर आदित्यपुर थाने में दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है।

प्राथमिकी में पति मनीष शर्मा के साथ ससुर श्याम शर्मा, सास पूनम शर्मा और देवर सतीश शर्मा को आरोपी बनाया गया है। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस साक्ष्यों के आधार पर उनकी जांच कर रही है।

मायके पक्ष का आरोप है कि पिंकी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। परिवार ने यह दावा भी किया है कि वह गर्भवती थीं और घटना वाले दिन उनके साथ मारपीट की गई। परिजनों के अनुसार, उन्हें पहले जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना की जानकारी उन्हें समय पर नहीं दी गई और मौत को आत्महत्या का रूप देने के लिए छत से कूदने की बात कही गई। पुलिस ने फिलहाल इन दावों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना है। मौत की परिस्थितियों की पुष्टि चिकित्सकीय रिपोर्ट और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद होगी।

पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी के अनुसार, शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। इन्हीं के विश्लेषण से यह तय होगा कि घटना कैसे हुई और प्राथमिकी में दर्ज आरोपों के समर्थन में क्या तथ्य सामने आते हैं।