केरेडारी में पंचायत सचिव 9 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार, पीसीसी सड़क के भुगतान से जुड़ा मामला

हजारीबाग एसीबी ने केरेडारी प्रखंड की कराली पंचायत के सचिव को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पीसीसी सड़क योजना की शेष राशि जारी करने के बदले रिश्वत मांगी गई थी।

2 मिनट पढ़ें 5 बार पढ़ी गई
हजारीबाग के केरेडारी में पंचायत सचिव की गिरफ्तारी से जुड़ी एसीबी कार्रवाई

हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कराली पंचायत के पंचायत सचिव तालेश्वर राम को नौ हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पीसीसी सड़क निर्माण योजना की बकाया राशि के भुगतान से जुड़ी शिकायत के आधार पर बुधवार को की गई। गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

एसीबी के अनुसार, केरेडारी प्रखंड के केमो गांव निवासी 78 वर्षीय दिगेश्वर पाण्डेय ने हजारीबाग कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि 15वें वित्त आयोग के तहत गांव में कालीकरण पीसीसी रोड से देवी मंडप तक पीसीसी पथ बनाने की योजना स्वीकृत हुई थी।

योजना संख्या 26/2024-25 के अंतर्गत इस काम की प्राक्कलित लागत तीन लाख 38 हजार रुपये निर्धारित थी। निर्माण कार्य अध्यक्ष साधुचरण पाण्डेय और सचिव दिगेश्वर पाण्डेय की देखरेख में कराया गया। शिकायत के मुताबिक, योजना मद से करीब दो लाख 84 हजार रुपये का भुगतान हो चुका था और शेष राशि लंबित थी।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि बकाया भुगतान के लिए पंचायत सचिव से संपर्क करने पर नौ हजार रुपये मांगे गए। वह यह रकम नहीं देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने एसीबी से संपर्क किया। ब्यूरो ने शिकायत का तकनीकी माध्यम से सत्यापन कराया और आरोप की पुष्टि होने के बाद 27 अक्टूबर को एसीबी थाना कांड संख्या 11/2026 दर्ज किया।

इसके बाद दंडाधिकारी और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में ट्रैप टीम गठित की गई। एसीबी का कहना है कि कार्रवाई के दौरान पंचायत सचिव को शिकायतकर्ता से नौ हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया। इस मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष कानूनी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।

एसीबी के पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रकरण का केंद्र सरकारी योजना के तहत पूरा कराए गए सड़क निर्माण कार्य की शेष राशि का भुगतान है। जांच में अब शिकायत, सत्यापन और ट्रैप कार्रवाई से जुड़े साक्ष्यों को आगे की प्रक्रिया में रखा जाएगा।