धनबाद में दो साल पहले रेल पुलिस को मिले एक बच्चे का आखिरकार उसकी मां से पुनर्मिलन हो गया। आधार से जुड़ी जानकारी के सत्यापन के बाद मां का संपर्क नंबर मिला। इसके बाद धनबाद की बाल कल्याण समिति ने आवश्यक जांच और कागजी प्रक्रिया पूरी कर मंगलवार को बच्चे को मां के सुपुर्द कर दिया।
यह बच्चा दो साल पहले 13 सितंबर को धनबाद रेल पुलिस को मिला था। उस समय उसकी उम्र करीब छह से सात वर्ष बताई गई थी। रेल पुलिस ने उसे चाइल्ड लाइन को सौंपा और बाल कल्याण समिति के निर्देश पर उसके रहने की व्यवस्था शेल्टर होम में की गई।
बच्चे के परिजनों का पता लगाने के प्रयासों में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का उल्लेख सामने आया। वहां खोजबीन करने पर यह जानकारी मिली कि बच्चा मुरादाबाद से लापता हुआ था, लेकिन तत्काल उसके परिवार तक पहुंचना संभव नहीं हो सका। बाद में धनबाद सीडब्ल्यूसी ने उसके आधार विवरण का सत्यापन कराया।
आधार सत्यापन के दौरान बच्चे की मां का फोन नंबर मिला। संपर्क किए जाने पर पता चला कि वह वृंदावन में वैष्णोदेवी मंदिर के पास रहती हैं। सूचना मिलने के बाद महिला वृंदावन से धनबाद सीडब्ल्यूसी पहुंचीं और लंबे समय से बिछड़े बेटे से मिलीं।
बच्चे को सौंपने की प्रक्रिया में महिला के आवासीय पते को लेकर तकनीकी बाधा भी आई, क्योंकि उनके पास निवास का औपचारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं था। धनबाद सीडब्ल्यूसी ने वृंदावन के एक पार्षद और वहां की स्थानीय बाल कल्याण समिति की सहायता से पते का सत्यापन कराया। पुष्टि होने के बाद हस्तांतरण की औपचारिकताएं पूरी की गईं।
सीडब्ल्यूसी प्रतिनिधियों के अनुसार, बच्चे के पिता नहीं हैं। समिति ने कहा है कि बच्चे को पुनर्वास और पात्रता के अनुसार अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने की पहल भी की जाएगी। इस मामले में रेल पुलिस, बाल संरक्षण व्यवस्था और पहचान सत्यापन की संयुक्त प्रक्रिया से बच्चे को परिवार तक पहुंचाने में मदद मिली।