गढ़वा में तीन नए थानों और अलग यातातायात थाने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भेजा गया

विश्रामपुर, मझिआंव और गढ़वा सदर के ग्रामीण क्षेत्र में नए थाने खोलने की योजना है। जिला मुख्यालय के लिए अलग यातायात थाना भी प्रस्तावित किया गया है।

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गढ़वा में प्रस्तावित नए थानों और यातायात थाना संबंधी सांकेतिक दृश्य

गढ़वा जिले में पुलिस व्यवस्था के विस्तार के लिए तीन नए थाने खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके साथ ही जिला मुख्यालय में अलग यातायात थाना स्थापित करने की योजना भी पुलिस मुख्यालय को भेजी गई है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही थानों के गठन की अगली प्रक्रिया शुरू होगी।

प्रस्ताव के अनुसार, रंका अनुमंडल के विश्रामपुर और मझिआंव क्षेत्र में एक-एक नया थाना खोलने की योजना है। तीसरा थाना गढ़वा सदर थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखकर प्रस्तावित किया गया है। फिलहाल इन थानों के गठन पर पुलिस मुख्यालय के निर्णय की प्रतीक्षा है।

जिले में बढ़ती आबादी, विस्तृत थाना क्षेत्र और बदलती सुरक्षा जरूरतों को इस पहल का आधार बताया गया है। कई ग्रामीण इलाकों से मौजूदा थाना मुख्यालय की दूरी अधिक होने के कारण पुलिस की नियमित पहुंच और घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया में चुनौतियां सामने आती हैं। नए थाने बनने पर संबंधित क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जा सकेगी।

गढ़वा के पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर के अनुसार, क्षेत्र की जरूरतों और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिन इलाकों में पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता महसूस की गई, वहां नए थाने स्थापित करने की पहल की गई है। प्रस्तावित व्यवस्था से मौजूदा थाना क्षेत्रों पर पड़ने वाला दबाव कम होने की भी उम्मीद है।

जिला मुख्यालय में वाहनों की बढ़ती संख्या और प्रमुख सड़कों तथा बाजार क्षेत्र में लगने वाले जाम को देखते हुए अलग यातायात थाना प्रस्तावित किया गया है। मंजूरी मिलने पर यातायात प्रबंधन के लिए अलग पुलिस टीम काम कर सकेगी। उसके जिम्मे यातायात नियंत्रण, जाम वाले स्थानों की निगरानी, सड़क सुरक्षा और नियमों के अनुपालन से जुड़े कार्य रहेंगे।

गढ़वा को जिला बने 33 वर्ष हो चुके हैं। इसके बाद थाना स्तर पर पुलिस व्यवस्था बढ़ाने की यह पहल प्रस्ताव के रूप में सामने आई है। हालांकि विश्रामपुर, मझिआंव, सदर के ग्रामीण क्षेत्र और जिला मुख्यालय से जुड़ी पूरी योजना अभी स्वीकृति के चरण तक नहीं पहुंची है; इसका क्रियान्वयन पुलिस मुख्यालय की मंजूरी पर निर्भर करेगा।