पलामू में आठ महीनों में 172 सड़क दुर्घटना मौतें, पांच ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा उपायों के निर्देश

पलामू जिला सड़क सुरक्षा समिति ने दुर्घटनाओं की समीक्षा के बाद पांच ब्लैक स्पॉट पर सड़क चौड़ीकरण, संकेतक, रंबल स्ट्रिप, रिफ्लेक्टर, कन्वेक्स मिरर और बैरिकेडिंग जैसे उपाय करने को कहा है।

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मेदिनीनगर में पलामू जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक करते अधिकारी

पलामू जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के बीच प्रशासन ने पांच चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने का निर्देश दिया है। मंगलवार को मेदिनीनगर के समाहरणालय सभागार में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जनवरी से अगस्त 2026 तक दर्ज हादसों और उनमें हुई मौतों की समीक्षा की गई।

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष के शुरुआती आठ महीनों में जिले में 239 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में 172 लोगों की जान गई और 155 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। केवल अगस्त में 20 हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 12 लोगों की मौत और नौ के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी दी गई।

उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने अधिक दुर्घटनाओं वाले स्थानों की मैपिंग कर अलग-अलग कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और हादसों के कारणों की पहचान के आधार पर प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया।

समीक्षा के दौरान दुबियाखाड़, कंडा घाटी, लोहारा, पोखराहा और सतबरवा बाजार को चिह्नित ब्लैक स्पॉट के रूप में रखा गया। इन स्थानों पर जरूरत के अनुसार सड़क चौड़ीकरण, संकेतक बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, रिफ्लेक्टर, कन्वेक्स मिरर और बैरिकेडिंग की व्यवस्था प्राथमिकता से करने पर जोर दिया गया।

यातायात नियमों के उल्लंघन पर की गई कार्रवाई की भी बैठक में समीक्षा हुई। अगस्त में 67 चालान से 7,66,825 रुपये वसूले गए और 45 चालकों के लाइसेंस निलंबित किए गए। जनवरी से अगस्त के बीच कुल 1,690 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित हुए, जिनमें 1,466 मामले बिना हेलमेट वाहन चलाने से संबंधित थे। कार्रवाई में बिना लाइसेंस, नशे में वाहन चलाने, ओवरलोडिंग तथा फिटनेस, परमिट या बीमा के अभाव वाले मामले भी शामिल रहे।

प्रशासन ने सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को तेज करने के साथ यातायात नियम तोड़ने वालों पर प्रवर्तन जारी रखने को कहा है। बैठक में पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी, जिला परिवहन पदाधिकारी प्रमोद कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार, विधायक प्रतिनिधि, एसडीपीओ और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।