इंस्पायर अवॉर्ड मानक के सत्र 2026-27 के नामांकन में झारखंड देश के शीर्ष दस राज्यों में शामिल हुआ है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 43,848 विद्यार्थियों ने अपने आइडिया के प्रोटोटाइप के साथ नामांकन कराया। इस संख्या के आधार पर झारखंड को राष्ट्रीय स्तर पर सातवां स्थान मिला है।
जिलों के प्रदर्शन में पलामू ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया है। देश के शीर्ष 50 जिलों की सूची में झारखंड से केवल पलामू को जगह मिली। जिले से कुल 5,302 नामांकन दर्ज किए गए, जिसके साथ पलामू राष्ट्रीय सूची में 20वें स्थान पर रहा।
राज्य के सहायक नोडल पदाधिकारी डॉ. शाहनवाज कुरैशी ने नामांकन के आंकड़े को उत्साहजनक बताया। क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक नीलम आईलीन टोप्पो के अनुसार, पलामू का शीर्ष जिलों में पहुंचना उल्लेखनीय है और इस सत्र में भी विद्यार्थी नवाचार गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं।
राज्यों की राष्ट्रीय सूची में उत्तर प्रदेश 1,86,665 नामांकन के साथ पहले स्थान पर रहा। राजस्थान से 1,42,526 और बिहार से 1,00,147 प्रविष्टियां आईं। जिलों में बिहार के मुजफ्फरपुर ने 11,072 नामांकन के साथ पहला स्थान हासिल किया।
इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन की पहल है। यह कक्षा छह से दस तक के विद्यार्थियों को आसपास की समस्याएं पहचानने और विज्ञान तथा तकनीक पर आधारित व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करती है। विद्यार्थी सरकारी पोर्टल पर अपने मौलिक विचारों के प्रोटोटाइप भेजते हैं।
योजना में चयनित विद्यार्थियों को मॉडल तैयार करने के लिए 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। आगे की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मॉडलों के लिए पेटेंट की संभावना भी रहती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि झारखंड ने इस बार राष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता में रजत पदक भी हासिल किया है और विजेताओं को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।