इंस्पायर मानक में झारखंड से 7,913 नामांकन, उत्तरी छोटानागपुर सबसे आगे

इंस्पायर मानक योजना में झारखंड के 7,913 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है। 3,007 प्रविष्टियों के साथ उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल पहले स्थान पर है।

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इंस्पायर मानक योजना में झारखंड के विद्यार्थियों के नामांकन की प्रतीकात्मक तस्वीर

हजारीबाग: स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने वाली इंस्पायर मानक योजना में झारखंड से अब तक 7,913 ऑनलाइन नामांकन दर्ज हुए हैं। भारत सरकार और नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन इंडिया की इस योजना में कक्षा छह से बारहवीं तक के 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 15 सितंबर निर्धारित है।

प्रमंडलवार आंकड़ों में उत्तरी छोटानागपुर 3,007 नामांकनों के साथ राज्य में सबसे आगे है। यहां हजारीबाग से 1,071, बोकारो से 957, रामगढ़ से 527, धनबाद से 203, गिरिडीह से 107, कोडरमा से 101 और चतरा से 41 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है।

पलामू प्रमंडल 1,699 प्रविष्टियों के साथ दूसरे स्थान पर है। इसमें पलामू जिले के 1,485 नामांकन हैं, जो राज्य के सभी जिलों में सर्वाधिक हैं। लातेहार से 159 और गढ़वा से 55 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल से कुल 1,361 नामांकन दर्ज किए गए हैं।

संथाल परगना प्रमंडल से 1,038 और कोल्हान प्रमंडल से 808 विद्यार्थियों की प्रविष्टियां आई हैं। जिलावार शीर्ष पांच में पलामू, हजारीबाग, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम और रामगढ़ शामिल हैं। दूसरी ओर साहिबगंज में 25, पश्चिमी सिंहभूम में 29, चतरा में 41, गढ़वा में 55 और देवघर में 68 नामांकन दर्ज हुए हैं।

योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को परियोजना मॉडल तैयार करने के लिए 10 हजार रुपये की सहायता सीधे उनके खाते में दी जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 60 विद्यार्थियों को जापान की अध्ययन यात्रा का अवसर मिलने का प्रावधान भी बताया गया है।

झारखंड में योजना के संचालन के लिए रांची की क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक नीलम आईलीन टोप्पो को राज्य नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। कम नामांकन वाले जिलों के विद्यालयों को प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अधिक विद्यार्थियों के वैज्ञानिक और नवाचारी विचार राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकें।