इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स में झारखंड 40 अंकों के साथ देश में 18वें स्थान पर

नीति आयोग और डब्ल्यूआरआई इंडिया के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स 2025 में झारखंड को ‘इमर्जिंग परफॉर्मर’ माना गया है। राज्य की रैंकिंग सुधरी है, लेकिन अनुसंधान और नवाचार का स्कोर कम रहा।

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रांची: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और उनके लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने के मामले में झारखंड को इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स 2025 में 40 अंक मिले हैं। नीति आयोग और वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट इंडिया की ओर से जारी इस सूचकांक में राज्य राष्ट्रीय स्तर पर 18वें स्थान पर रहा। बड़े राज्यों की श्रेणी में झारखंड का स्थान 13वां है।

रिपोर्ट ने झारखंड को 35 से 49 अंक वाली ‘इमर्जिंग परफॉर्मर’ श्रेणी में रखा है। वर्ष 2024 में राज्य 19वें स्थान पर था, इसलिए इस बार उसकी रैंकिंग में एक पायदान का सुधार दर्ज हुआ है। हालांकि पड़ोसी राज्यों से तुलना करने पर झारखंड अभी ओडिशा और छत्तीसगढ़ से पीछे दिखाई देता है।

ओडिशा ने 55 अंक हासिल कर ‘फ्रंट रनर’ श्रेणी में जगह बनाई है, जबकि छत्तीसगढ़ को 49 अंक मिले हैं। पश्चिम बंगाल का स्कोर 42 है। बिहार और झारखंड दोनों को 40-40 अंक मिले हैं। इस तुलना में झारखंड पश्चिम बंगाल से दो अंक पीछे और बिहार के बराबर है।

अलग-अलग मानकों में झारखंड का ट्रांसपोर्ट इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोग्रेस स्कोर 36 तथा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर रेडीनेस स्कोर 40 रहा। ईवी रिसर्च एंड इनोवेशन के क्षेत्र में राज्य को केवल 10 अंक मिले। रिपोर्ट में स्टार्टअप, पेटेंट, अनुसंधान एवं विकास और नई तकनीक से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई है।

राज्य सरकार की कुछ पहलों को रिपोर्ट में सकारात्मक माना गया है। इनमें सरकारी कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा शामिल है। इसके साथ ही मजबूत चार्जिंग नेटवर्क तैयार करने और मौजूदा नीतियों को प्रभावी तरीके से लागू करने की जरूरत रेखांकित की गई है।

ईवी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जागरूकता पोर्टल, पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग और रेट्रोफिटिंग को प्रोत्साहन देने की सिफारिश की गई है। चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए सिंगल विंडो मंजूरी, रियायती दर पर जमीन और भवन उपविधियों में चार्जिंग पॉइंट का प्रावधान भी सुझाया गया है। रिपोर्ट ने अनुसंधान केंद्र और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से कौशल विकास तथा नवाचार को गति देने पर जोर दिया है।