पलामू में नेशनल हाईवे पर यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान अब तकनीक के जरिए करने की तैयारी है। जिला पुलिस ने एएनपीआर यानी ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरों का नेटवर्क विकसित करने का प्रस्ताव तैयार कर जिला प्रशासन के माध्यम से आगे भेजा है। प्रस्ताव लागू होने पर ओवरस्पीड, ट्रिपल राइडिंग और अन्य नियम उल्लंघनों की जानकारी कैमरों से सिस्टम तक पहुंच सकेगी।
योजना के पहले चरण में नेशनल हाईवे को निगरानी के दायरे में लाने का प्रस्ताव है। इसके बाद स्टेट हाईवे तथा शहर के प्रवेश और निकास स्थलों को भी कैमरा नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। कैमरों को परिवहन विभाग की प्रणाली से जोड़ने की तैयारी है, ताकि नंबर प्लेट पढ़कर संबंधित वाहन के खिलाफ ऑनलाइन चालान की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
पड़वा से चियांकी के बीच नए नेशनल हाईवे पर कई स्थानों पर कैमरे पहले ही लगाए जा चुके हैं। अब इन्हें परिवहन विभाग के सिस्टम से जोड़ने की योजना है। फिलहाल जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन पर मुख्य रूप से ऑफलाइन चालान किया जाता है। प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने के बाद तकनीक आधारित निगरानी और स्वचालित जुर्माने का रास्ता खुलेगा।
यह पहल जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति को देखते हुए की गई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, जनवरी 2026 से अब तक पलामू में 230 से अधिक सड़क हादसे हुए हैं और इनमें 172 लोगों की जान गई है। करीब 70 प्रतिशत मौतें नेशनल और स्टेट हाईवे पर हुईं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी दुर्घटना संभावित स्थानों पर एएनपीआर कैमरे लगाने का सुझाव दिया गया था।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर मौजूदा कार्रवाई भी जारी है। वर्ष 2026 में अब तक 1,690 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए गए हैं। इनमें 1,466 मामले हेलमेट नहीं पहनने से संबंधित बताए गए हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य हाईवे पर वाहनों की गति और नियमों के पालन की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है।
पलामू में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन मजबूत करने के लिए ट्रैफिक थाना खोलने का प्रस्ताव भी है। इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी आवश्यक होगी। पुलिस की ओर से जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। एसपी कपिल चौधरी के अनुसार, कैमरों को परिवहन विभाग के कार्यालय से जोड़ने के बाद नियम तोड़ने वाले वाहनों पर स्वचालित जुर्माने की व्यवस्था संभव हो सकेगी।