धनबाद में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को ईस्ट झरिया क्षेत्र की विभिन्न खदानों और कोयला वाशरियों का निरीक्षण किया। उन्होंने उत्पादन और कोयला प्रेषण की गति बढ़ाने के साथ तय लक्ष्यों को समय पर हासिल करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन पर भी जोर दिया गया।
अमलगमेटेड भौंरा नॉर्थ-साउथ कोलियरी के सी-2 हायर्ड एचईएमएम पैच में सीएमडी ने खनन गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से जल निकासी और ओवरबर्डन हटाने का काम तेज करने को कहा। साथ ही पर्यावरणीय स्वीकृति के तहत निर्धारित 23 लाख टन की वार्षिक उत्पादन क्षमता के अनुरूप संचालन करने का निर्देश दिया।
कोयले की ढुलाई व्यवस्थित करने के लिए क्षेत्र में एक अतिरिक्त वे-ब्रिज लगाने को भी कहा गया। इसके बाद अग्रवाल ने अमलगमेटेड सुदामडीह-पाथरडीह कोलियरी के फायर पैच के पूर्वी विस्तार का जायजा लिया। यहां खनन और जल निकासी की प्रगति की समीक्षा करते हुए उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया।
खदान के विस्तार में सामने आ रही बाधाओं पर भी अधिकारियों के साथ चर्चा हुई। सीएमडी ने अतिक्रमण से संबंधित स्थानांतरण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इस निर्देश का उद्देश्य विस्तार से जुड़े काम को आगे बढ़ाना है।
निरीक्षण के दौरान भोजूडीह वाशरी की कार्यप्रणाली भी समीक्षा के दायरे में रही। सीएमडी ने भोजूडीह की 2 एमटीवाई और दहीबाड़ी की 1.6 एमटीवाई क्षमता वाली वाशरियों के प्रदर्शन पर असंतोष जताया तथा संचालन में तत्काल सुधार करने को कहा। निर्माणाधीन पाथरडीह-दो वाशरी के लंबित कार्य भी जल्द पूरे करने के निर्देश दिए गए। इसकी निर्धारित क्षमता 2.5 एमटीवाई बताई गई है।
अग्रवाल ने ईस्ट झरिया क्षेत्र की टीम से सामूहिक प्रयास के जरिए निर्धारित उत्पादन लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने बिजली क्षेत्र की मांग के अनुरूप कोयला उपलब्ध कराने की जरूरत रेखांकित की, लेकिन इसके साथ खनन कार्यों में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।