कतरास में भू-धंसान के खिलाफ काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन, वैज्ञानिक सर्वे और पुनर्वास की मांग

धनबाद के कतरास में भू-धंसान की घटनाओं से चिंतित लोगों ने जनसंपर्क अभियान चलाया। प्रदर्शनकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों का वैज्ञानिक सर्वे, अवैध खनन पर रोक और प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास की मांग की।

2 मिनट पढ़ें 7 बार पढ़ी गई
कतरास में भू-धंसान की समस्या के खिलाफ काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन करते लोग

धनबाद जिले के कतरास कोयलांचल में भू-धंसान की घटनाओं को लेकर बुधवार को स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शहर में जनसंपर्क अभियान चलाया और समस्या पर प्रशासन तथा संबंधित संस्थाओं का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। आंदोलन में शामिल लोगों ने जान-माल की सुरक्षा के लिए शीघ्र कदम उठाने की मांग रखी।

अभियान के दौरान कार्यकर्ता बाजार की दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय निवासियों तथा व्यापारियों को काला बिल्ला लगाकर विरोध में शामिल किया। प्रदर्शनकारियों ने बीसीसीएल प्रबंधन और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। उनका कहना था कि बार-बार जमीन धंसने की घटनाओं के कारण क्षेत्र के लोगों में असुरक्षा बढ़ रही है।

मोर्चा के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा और स्थायी पुनर्वास के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने भू-धंसान से प्रभावित और संवेदनशील इलाकों का तत्काल वैज्ञानिक सर्वे कराने की मांग की। प्रतिनिधियों के अनुसार, तकनीकी मूल्यांकन के आधार पर ही जोखिम की वास्तविक स्थिति समझी जा सकती है और सुरक्षा की प्रभावी योजना बनाई जा सकती है।

प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने की मांग भी उठाई। साथ ही उन्होंने कहा कि खतरे वाले इलाकों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित और स्थायी स्थान पर बसाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। आंदोलनकारियों ने निवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और संबंधित विभागों के स्तर पर ठोस निर्णय लेने पर जोर दिया।

मोर्चा ने जनसंपर्क अभियान के जरिए स्थानीय लोगों और व्यापारियों से इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की। संगठन के सदस्यों का कहना था कि भू-धंसान केवल किसी एक मोहल्ले या परिवार की समस्या नहीं है, इसलिए इसके समाधान के लिए व्यापक स्तर पर पहल जरूरी है। अभियान में काला बिल्ला विरोध के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया गया।

आंदोलन से जुड़े नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र निर्णय और कार्रवाई शुरू नहीं होने पर विरोध को अधिक व्यापक किया जाएगा। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में वैज्ञानिक सर्वे, अवैध खनन पर रोक, प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और उनका स्थायी पुनर्वास शामिल है। संबंधित प्रशासन या बीसीसीएल की ओर से इस प्रदर्शन पर किसी प्रतिक्रिया का विवरण उपलब्ध नहीं है।