बोकारो जिले के कसमार में मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन के साथ पहुंचे। उनका यह दौरा पूर्व निर्धारित आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन कसमार-बरलंगा सड़क की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की।
मुख्यमंत्री अपने पैतृक गांव नेमरा से कसमार-बरलंगा सड़क होते हुए कसमार पहुंचे थे। उनके अचानक आगमन की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों में उत्सुकता देखी गई। मुख्यमंत्री और कल्पना सोरेन ने मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य को देखा, हालांकि दौरे के दौरान सड़क परियोजना को लेकर किसी नए निर्णय या समयसीमा की घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है।
कसमार पहुंचने के बाद दोनों तीनकोनिया चौक स्थित कुणाल जायसवाल की चाय-पकौड़ी की दुकान पर रुके। वे करीब दस मिनट तक दुकान में रहे और पकौड़ी खाई। वहां मौजूद ग्रामीणों को भी पकौड़ी खिलाई गई। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री और कल्पना सोरेन के साथ तस्वीरें खिंचवाईं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कसमार पहुंचना उनका आधिकारिक कार्यक्रम नहीं था और वे घूमने के उद्देश्य से वहां आए थे। इसके बावजूद निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण किए जाने से स्थानीय स्तर पर इस मार्ग की स्थिति और निर्माण कार्य को लेकर चर्चा बढ़ी है।
वापसी के दौरान मुख्यमंत्री सेवाती घाटी भी पहुंचे और वहां की स्थिति देखी। सूचना मिलने पर बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा भी मौके पर पहुंचे। दौरे के समय घाटी के विकास से जुड़े विषय पर चर्चा हुई। प्राकृतिक सुंदरता के लिए पहचानी जाने वाली सेवाती घाटी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग पहले से उठती रही है।
हालांकि सेवाती घाटी के पर्यटन विकास को लेकर सरकार की ओर से किसी औपचारिक योजना या घोषणा की जानकारी नहीं दी गई है। दौरे के दौरान झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष दिलीप कुमार हेंब्रम, विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद शेरे आलम और प्रखंड सचिव सोहेल अंसारी सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।