झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रामगढ़ के नेमरा से रांची लौटते समय बोकारो जिले के कसमार चौक पर कुछ देर रुककर स्थानीय लोगों से बातचीत की। उनके साथ उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी थीं। मुख्यमंत्री अपनी दिवंगत मां रूपी सोरेन का श्राद्धकर्म पूरा करने के बाद पैतृक गांव से राजधानी लौट रहे थे।
कसमार चौक पहुंचने पर मुख्यमंत्री का काफिला पकौड़े और मिठाई की एक दुकान के पास रुका। हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन दुकान के भीतर गए तथा वहां उपलब्ध पकौड़ों और मिठाइयों के बारे में दुकानदार से जानकारी ली। कल्पना सोरेन ने पकौड़े की कीमत भी पूछी। इसके बाद दोनों ने दुकान पर पकौड़े खाए।
मुख्यमंत्री के दुकान पर पहुंचने की जानकारी मिलते ही आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहां मौजूद लोग मुख्यमंत्री और कल्पना सोरेन को नजदीक से देखने तथा उनसे मिलने के लिए दुकान के बाहर जुटे रहे। इस दौरान हेमंत सोरेन ने कई लोगों से एक-एक कर बातचीत की।
बातचीत के दौरान स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं भी रखीं। हेमंत सोरेन ने उनकी बातें सुनीं और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। कसमार में यह पड़ाव नेमरा से रांची वापसी के क्रम में हुआ।
मुख्यमंत्री ने विजयादशमी के अवसर पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं भी दीं। अपने सोशल मीडिया संदेश में उन्होंने पर्व को सत्य, धर्म और न्याय की विजय का प्रतीक बताया। उन्होंने लोगों से अन्याय, भेदभाव और बुराई के विरुद्ध खड़े होने का आह्वान किया।
हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लेने की अपील की। कसमार चौक पर लोगों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री और कल्पना सोरेन रांची के लिए आगे रवाना हो गए।