धनबाद जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली करीब 12 हजार छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने की तैयारी की गई है। रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत छात्राओं को कराटे और ताइक्वांडो सिखाया जाएगा। कार्यक्रम को लागू करने के लिए जिला शिक्षा विभाग और संबंधित खेल संघों के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
यह प्रशिक्षण जिले के 100 सरकारी विद्यालयों और 16 पीएम श्री विद्यालयों में आयोजित किया जाएगा। तय व्यवस्था के अनुसार 50 मध्य विद्यालयों की छात्राओं को ताइक्वांडो का प्रशिक्षण मिलेगा, जबकि 50 उच्च विद्यालयों की छात्राओं को कराटे सिखाया जाएगा। उपलब्ध जानकारी में पीएम श्री विद्यालयों में प्रशिक्षण की विधा का अलग विवरण नहीं दिया गया है।
पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन महीने तक चलेगा। प्रत्येक महीने 12 सत्र आयोजित किए जाएंगे और हर सत्र की अवधि दो घंटे होगी। इस तरह छात्राओं को नियमित अभ्यास के माध्यम से आत्मरक्षा की तकनीक सीखने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण पूरा करने वाली छात्राओं को संबंधित संस्था की ओर से अनुभव प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
उपायुक्त आदित्य रंजन की मौजूदगी में कार्यक्रम से जुड़ा सहमति पत्र किया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा ने ताइक्वांडो और कराटे संघों के सचिवों के साथ दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा की व्यावहारिक जानकारी देने के साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ाना है।
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्रशिक्षण देने वाली संस्थाओं को कार्यक्रम निर्धारित समय के भीतर प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने अधिक से अधिक पात्र छात्राओं तक प्रशिक्षण का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया है। अब विद्यालयों और खेल संघों के समन्वय से अलग-अलग केंद्रों पर सत्र चलाए जाने हैं।
सहमति पत्र से जुड़े कार्यक्रम में प्रभाग प्रभारी डॉ. मीतू सिन्हा, धनबाद जिला ओलंपिक संघ के प्रतिनिधि पवन कुमार बरनवाल, कराटे संघ की सचिव पेमोला देवी और ताइक्वांडो संघ के सचिव कमलेश पांडे भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के संचालन में शिक्षा विभाग के साथ इन्हीं संबंधित खेल संस्थाओं की भागीदारी रहेगी।