लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में सातवीं कक्षा की 13 वर्षीय छात्रा की मंगलवार को मौत हो गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी दास सुनंदा चंद्रमौलेश्वर ने घटना की पुष्टि की है। छात्रा की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विद्यालय प्रबंधन ने मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे छात्रा की मां को फोन कर उसकी तबीयत खराब होने की सूचना दी थी। छात्रा को उपचार के लिए किस्को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। इसके बाद वह विद्यालय लौटी, जहां से उसके चाचा उसे लोहरदगा सदर अस्पताल लेकर गए।
सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद छात्रा को मृत घोषित कर दिया। फिलहाल उसकी मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं है। घटना से जुड़ी स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
छात्रा के माता-पिता और अन्य परिजनों ने विद्यालय की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि तबीयत बिगड़ने के दौरान छात्रा अपने माता-पिता से बात करना चाहती थी, लेकिन उसे इसका अवसर नहीं मिला। परिजनों ने वार्डन की ओर से समय पर संपर्क नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया है। इन दावों की अभी जांच होनी है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी के अनुसार, वार्डन से मिली जानकारी में कहा गया है कि छात्रा ने मंगलवार सुबह बीमार होने की बात बताई थी। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई और किस्को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उसका उपचार कराया गया। घटना की जानकारी लोहरदगा के उपायुक्त को भी दे दी गई है।
उपायुक्त के निर्देश पर जिला स्तरीय जांच कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी विद्यालय में निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के पालन, छात्रा को उपलब्ध कराए गए उपचार और अभिभावकों से बात नहीं कराने संबंधी आरोपों की पड़ताल करेगी। जांच पूरी होने तक विद्यालय प्रबंधन की भूमिका या मौत के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।