देवघर जिले के सारवां अंचल स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय नारंगी की सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाया जाएगा। मंगलवार को आयोजित जनता दरबार में मामला सामने आने के बाद उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने सारवां के अंचलाधिकारी को स्कूल परिसर की जमीन तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने सरकारी स्कूल की भूमि पर अवैध कब्जे के मामले को गंभीर बताया। उन्होंने अंचलाधिकारी से कहा कि अतिक्रमण हटाने के साथ कब्जा करने वालों के विरुद्ध लागू धाराओं के तहत कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निर्देश का उद्देश्य विद्यालय की सरकारी संपत्ति की सुरक्षा करना है।
जनता दरबार में देवघर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने भू-अर्जन, मुआवजा भुगतान, पेंशन, आवास और झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से संबंधित समस्याएं रखीं। राशन कार्ड में नाम जोड़ने, पेंशन, राजस्व और मंईयां सम्मान योजना से जुड़े कुछ मामलों का संबंधित विभागों ने मौके पर ही निपटारा किया।
लगान रसीद से संबंधित शिकायतों पर भी उपायुक्त ने सभी अंचलाधिकारियों को समय-सीमा के भीतर कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम लोगों के आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखे जाएं। इस काम में किसी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और रैयतों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर लगाने की भी घोषणा की गई। एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला स्तर के साथ जिले के सभी अंचलों में तीन दिवसीय शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां लंबित आवेदनों और शिकायतों के मौके पर निष्पादन का प्रयास होगा।
उपायुक्त ने जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर एक सप्ताह के भीतर प्रतिपुष्टि उपायुक्त कार्यालय को सौंपने का निर्देश दिया। इससे शिकायतों के निष्पादन की निगरानी की जाएगी। अधिकारियों को राजस्व, भूमि सुधार और भू-अर्जन के मामलों में लोगों की सहूलियत तथा सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा पर ध्यान देने को कहा गया है।